एवीएस न्यूज. नई दिल्ली 
अशोक चांडक, प्रेसिडेंट व सीईओ, आईईएसए (इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन) ने कहा इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026, एआई, सेमीकंडक्टर रणनीति और विश्वसनीय वैश्विक टेक्नोलॉजी साझेदारियों के मेल में एक महत्ववपूर्ण पल है। 20 से ज्यादा राज्य प्रमुखों, 60 मंत्रियों, 500 ग्लोबल एआई लीडरों और 3,00,000 से ज्यादा आगंतुकों के साथ, यह समिट भारत को वैश्विक एआई रूपांतर के केन्द्र में मज़बूती से रखता है - खासकर ग्लोबल साउथ में।

भारत की एआई गवर्नेंस गाइडलाइंस जारी करना, इंडिया एआई फैलोशिप को 13,500 स्कॉलर्स तक बढ़ाना, और इंडिया एआई सेफ्टी इंस्टीट्यूट को मज़बूत करना एक व्यापक दृष्टिकोण दर्शाता है - नीति, प्रतिभा और मानक एक साथ आगे बढ़ रहे हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में, 38,000 जीपीयू पहले से ही कार्यरत हैं और आगामी महीनों में 50,000 से ज्यादा जीपीयू स्थापित किए जाएंगे, भारत तेज़ी से सार्वभौम कम्प्यूट क्षमता बढ़ा रहा है। एआई निवेश में 200 अरब डॉलर से ज्यादा के सर्पोटेड फंड और अनुमान के साथ- मुख्य रूप से बुनियादी ढांचे और आरडीआई स्कीम, आईएसएम 2.0 और इलेक्ट्रॉनिक्स हार्डवेयर नीतियों में - भारत दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते एआई ईकोसिस्टम में से एक का निर्माण कर रहा है।
लेकिन इतिहास ने बार-बार यह दिखाया है कि जो देश परिवर्तनकारी प्रौद्योगिकियों को आकार देते हैं, वे शायद ही कभी उन जैसे होते हैं जो उनके आस-पास के नैतिक और गवर्नेंस के नियमों को परिभाषित करते हैं।

आज समिट में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी का भाषण भारत द्वारा दोनों भूमिकाओं को एक साथ निभाने के स्पष्ट इरादे की ओर इशारा करता है - बड़े पैमाने पर एआई निर्माता और अडॉप्टर के तौर पर, तथा एक ऐसे गवर्नेंस आर्किटेक्चर के लिए एक सैद्धांतिक आवाज़ के तौर पर जो मानवता की बड़े पैमाने पर सेवा करे, न कि चुनिंदा तौर पर। आज हम एआई अपनाने के मामले में जहां खड़े हैं, उसे देखते हुए यह बिल्कुल सही तर्क है, जो बिल्कुल सही समय पर दिया गया है।


प्रधानमंत्री ने मानव (MANAV) को व्यक्त किया - एआई गवर्नेंस में नैतिक ईमानदारी, जवाबदेह संस्थान, राष्ट्रीय डाटा संप्रभुता, समावेशी पहुंच और वैधता पर आधारित - ग्लोबल साउथ को एआई डैवलपमेंट को अभी आकार दे रहे एकाधिकारवादी आर्किटेक्चर के खिलाफ अपना पहला सुसंगत काउंटर-नैरेटिव देता है। साथ ही, भाषण में कही गई उनकी न्यूक्लियर मिसाल, हर बोर्डरूम व पॉलिसी चैम्बर में हमेशा के लिए जगह पाने की हकदार हैः मानवता ने पहले ही साबित कर दिया है कि उसकी क्षमता एक ही सांस में परिवर्तनकारी ताकत का दोहन और दुरुपयोग कर सकती है।
सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री के लिए, यह पूरी रफ़्तार बदलाव लाने वाली है। एआई लीडरशिप ऐडवांस्ड चिप्स, पैकेजिंग, ऐम्बेडेड सिस्टम, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए सुरक्षित सप्लाई चेन पर निर्भर करती है।

भारत के बढ़ते फैब, एटीएमपी/ओएसएटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्रोग्राम - चिप डिज़ाइन टैलेंट में इसकी ग्लोबल लीडरशिप के साथ - देश को न सिर्फ एआई का उपभोक्ता बनाते हैं, बल्कि एक डिज़ाइन-चालित इनोवेशन व उन्नत मैन्युफैक्चरिंग हब भी बनाते हैं जो नेक्स्ट जैनरेशन नोड्स, हेटेरोजिनस इंटीग्रेशन और एआई-ऑप्टिमाइज्ड सिलिकॉन के लिए तैयार है।