रिलायंस रिटेल ने एआई-संचालित विकास के नए चरण में रखा कदम : मुकेश अंबानी
एवीएस न्यूज . मुंबई
रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की वार्षिक आम बैठक (AGM) को संबोधित करते हुए मुकेश अंबानी ने कहा कि रिलायंस रिटेल अब विकास के एक नए चरण में प्रवेश कर चुकी है, जहां प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और भारतीय उपभोक्ताओं की गहरी समझ के माध्यम से कंपनी देशभर में ग्राहकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करेगी।
अंबानी ने रिलायंस रिटेल की यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2006 में हैदराबाद में खुले पहले रिलायंस फ्रेश स्टोर से शुरू होकर कंपनी आज भारत की सबसे बड़ी रिटेल कंपनी बन चुकी है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंपनी ने 20,000 स्टोर्स का आंकड़ा पार कर लिया, जो एशिया में किसी भी रिटेलर द्वारा इतने कम समय में हासिल की गई अभूतपूर्व उपलब्धि है।
उन्होंने बताया कि कंपनी की विकास यात्रा तीन चरणों में आगे बढ़ी है। पहला चरण स्टोर नेटवर्क का विस्तार करने और उपभोक्ताओं का विश्वास अर्जित करने पर केंद्रित था। दूसरा चरण फिजिकल स्टोर्स को जियोमार्ट और अजियो जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ जोड़ने का था, जिससे आधुनिक रिटेल सेवाएं स्मार्टफोन और देश के अधिक से अधिक पिन कोड तक पहुंच सकीं। तीसरा चरण, जिसे अंबानी ने “डीप-टेक इंटेलिजेंस एरा” कहा, अब कंपनी की नई दिशा निर्धारित करेगा।
सरल शब्दों में, इसका अर्थ है कि रिलायंस रिटेल एआई, उन्नत तकनीक और उपभोक्ता डेटा का उपयोग करके अपने संचालन को अधिक प्रभावी बनाएगी तथा भारतीय परिवारों को बेहतर उत्पाद और सेवाएं उपलब्ध कराएगी। अंबानी ने कहा कि कंपनी की डीप-टेक क्षमताएं और व्यापक डिजिटल पहुंच रिटेल व्यवसाय की तेज़ वृद्धि के प्रमुख कारक रहे हैं।
भारत में तेजी से बदलती खरीदारी की आदतों के बीच एआई पर यह विशेष फोकस महत्वपूर्ण है।
उपभोक्ता पारंपरिक दुकानों से स्मार्टफोन आधारित खरीदारी की ओर बढ़ रहे हैं, कभी-कभार खरीदारी करने के बजाय अधिक नियमित रूप से खरीदारी कर रहे हैं और सीमित विकल्पों की जगह विभिन्न श्रेणियों में त्वरित उपलब्धता की अपेक्षा कर रहे हैं। अंबानी ने कहा कि रिलायंस रिटेल इस परिवर्तन की अग्रणी रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय उपभोक्ताओं के विश्वास के कारण रिलायंस रिटेल वैश्विक स्तर के शीर्ष 50 रिटेलर्स में शामिल हुई है और यह उपलब्धि हासिल करने वाली एकमात्र भारतीय रिटेल कंपनी है।
भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए अंबानी ने बताया कि रिलायंस रिटेल और आरसीपीएल दो नए विकास प्लेटफॉर्म- एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट- पर विशेष ध्यान देंगे। विनिर्माण प्लेटफॉर्म के अंतर्गत पेय पदार्थ, दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएं, ताजे फल एवं सब्जियां, परिधान तथा किफायती इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा।
ताजे फल और सब्जियां कंपनी का एक प्रमुख फोकस क्षेत्र होंगी। अंबानी ने कहा कि इस श्रेणी में खाद्य अपव्यय को कम करने, स्वच्छता में सुधार करने और सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने की तत्काल आवश्यकता है। रिलायंस अपनी सोर्सिंग, कोल्ड-चेन और वितरण क्षमता का उपयोग कर किसानों को बेहतर मूल्य, दुकानदारों को भरोसेमंद आपूर्ति और उपभोक्ताओं को उचित कीमत पर अधिक ताजा खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराने का प्रयास करेगी।
कंपनी भारत के 21 क्लस्टर्स में सप्लायर साझेदारियों के माध्यम से एक मजबूत परिधान विनिर्माण इकोसिस्टम भी विकसित कर रही है। साथ ही, स्मार्ट आईवियर, टेलीविजन, स्मार्टफोन और कनेक्टेड वियरेबल्स सहित किफायती इलेक्ट्रॉनिक्स पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
अंबानी ने कहा कि निर्यात प्लेटफॉर्म रिलायंस की वैश्विक एफएमसीजी (FMCG) व्यवसाय स्थापित करने की महत्वाकांक्षा को मजबूती देगा, जिसे भारत में कंपनी के उपभोक्ता ब्रांड्स की बढ़ती सफलता का समर्थन प्राप्त होगा।
क्षेत्रीय बाजारों के लिए अंबानी के एजीएम संबोधन का प्रमुख संदेश यह था कि रिलायंस रिटेल का अगला विकास चरण केवल नए स्टोर्स खोलने तक सीमित नहीं होगा, बल्कि तकनीक, विनिर्माण क्षमता और मजबूत सप्लाई चेन के माध्यम से भारतीय परिवारों को बेहतर गुणवत्ता, अधिक मूल्य और आसान उपलब्धता प्रदान करने पर केंद्रित होगा।






