जबलपुर-भोपाल की हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने की मांग, एफएमसीसीआई ने इंडिगो को सौंपा ज्ञापन
जबलपुर से पुणे, जयपुर, अहमदाबाद, चेन्नई और पटना के लिए उड़ान शुरू करने की मांग, भोपाल के लिए भी नए रूट प्रस्तावित
एवीएस न्यूज.भोपाल
मध्यप्रदेश में लगातार सीमित हो रही हवाई सेवाओं को लेकर फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एफएमसीसीआई ) ने इंडिगो एयरलाइन के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण चर्चा की। फेडरेशन ने प्रदेश की औद्योगिक, व्यापारिक, पर्यटन, शैक्षणिक और निवेश संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जबलपुर एवं भोपाल की हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए विभिन्न मांगें एवं सुझाव रखे।
फेडरेशन अध्यक्ष हिमांशु खरे ने कहा कि जबलपुर मध्यप्रदेश का महत्वपूर्ण संभागीय मुख्यालय होने के साथ औद्योगिक, शैक्षणिक और पर्यटन की दृष्टि से भी अहम शहर है। वर्तमान में जबलपुर से दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु, इंदौर और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों के लिए हवाई सेवाएं उपलब्ध हैं। वहीं, पूर्व में जबलपुर अहमदाबाद, पुणे और चेन्नई से भी हवाई मार्ग से जुड़ा हुआ था।
फेडरेशन ने जबलपुर से पुणे, जयपुर, अहमदाबाद, चेन्नई और पटना के लिए सीधी हवाई सेवाएं शुरू करने की मांग की। बैठक में इंडिगो की ओर से प्रीतम चक्रवर्ती ने बताया कि जबलपुर-बेंगलुरु उड़ान को बोइंग विमान सेवा में परिवर्तित किए जाने की योजना है और इसे आगे चेन्नई तक कनेक्ट किया जाएगा। इससे जबलपुर से चेन्नई की यात्रा करीब पांच घंटे में पूरी हो सकेगी। फेडरेशन ने इसे दक्षिण भारत के साथ जबलपुर की कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
भोपाल से जयपुर, चेन्नई और पटना के लिए सीधी उड़ान की मांग
फेडरेशन ने मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की हवाई सेवाओं के विस्तार पर भी जोर दिया। प्रतिनिधियों ने कहा कि राजधानी होने के कारण भोपाल का देश के प्रमुख औद्योगिक, व्यावसायिक और प्रशासनिक शहरों से बेहतर हवाई संपर्क जरूरी है। इसके लिए भोपाल से जयपुर, चेन्नई और पटना के लिए सीधी उड़ानें शुरू करने की मांग की गई।
फेडरेशन के अनुसार इन शहरों के लिए सीधी उड़ानें शुरू होने से उद्योगपतियों, व्यापारियों, पर्यटकों, विद्यार्थियों और आम यात्रियों को सुविधा मिलेगी। साथ ही प्रदेश में निवेश, व्यापारिक गतिविधियों और अंतरराज्यीय संपर्क को भी गति मिलेगी।
300 से 500 किलोमीटर के दायरे वाले रूट जबलपुर तक बढ़ाने का सुझाव
बैठक में फेडरेशन ने इंडिगो प्रबंधन को सुझाव दिया कि जबलपुर के आसपास करीब 300 से 500 किलोमीटर की परिधि में आने वाले शहरों के लिए संचालित उपयुक्त उड़ानों को जबलपुर तक विस्तार दिया जाए। फेडरेशन का मानना है कि मौजूदा रूटों का विस्तार कर जबलपुर की हवाई कनेक्टिविटी को अपेक्षाकृत कम समय में मजबूत किया जा सकता है।
जबलपुर में पायलट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की मांग
एफएमसीसीआई अध्यक्ष हिमांशु खरे ने जबलपुर में पायलट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट शुरू करने की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि देश में तेजी से बढ़ते विमानन क्षेत्र के चलते प्रशिक्षित पायलटों और अन्य एविएशन प्रोफेशनल्स की मांग लगातार बढ़ रही है। जबलपुर में प्रशिक्षण संस्थान स्थापित होने से मध्यप्रदेश के युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जबलपुर को पायलट प्रशिक्षण के साथ-साथ अन्य एविएशन स्किल डेवलपमेंट गतिविधियों के केंद्र के रूप में भी विकसित किया जा सकता है।
हवाई कनेक्टिविटी से बढ़ेगा निवेश और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बल
हिमांशु खरे ने कहा कि हवाई कनेक्टिविटी केवल यात्रियों की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध उद्योग, व्यापार, निवेश, पर्यटन, शिक्षा और रोजगार से है। जबलपुर और भोपाल को अधिक शहरों से जोड़ने से औद्योगिक प्रतिनिधियों और निवेशकों की आवाजाही आसान होगी तथा मध्यप्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।फेडरेशन ने इंडिगो एयरलाइन के शीर्ष प्रबंधन से बंद हो चुकी उड़ानों को पुनः शुरू करने और जबलपुर से नियमित एवं पर्याप्त हवाई सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया।
ये प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में इंडिगो एयरलाइन की ओर से प्रीतम चक्रवर्ती, अभिषेक शर्मा एवं कुंवर रावत उपस्थित रहे। वहीं एफएमसीसीआई की ओर से अध्यक्ष हिमांशु खरे, संयुक्त अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार पोरवाल, उपाध्यक्ष जयदेव योगेश ताम्रकार, प्रबंध समिति सदस्य अरुण पवार एवं अशोक आनंद मौजूद रहे।


