भोपाल ।  ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट और इंदौर ट्रक ऑपरेटर एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को मध्यप्रदेश परिवहन विभाग द्वारा भारी वाहनों पर रेट्रो रिफ्लेक्टिव (रेडियम पट्टी) लगाने जाने की प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से जटिल बनाने को लेकर एक शिकायती पत्र लिखा है। शिकायती पत्र में संगठन ने  कहा कि रेडियम पट्टी प्रक्रिया को जटिल बनाने वाहन मालिकों के शोषण की आशंका है। 
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट के  एमसी मेंबर और इंदौर ट्रक ऑपरेटर एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन पूर्व अध्यक्ष सीएल मुकाती के अनुसार   रेट्रो रिफ्लेक्टिव (रेडियम पट्टी) लगाने जाने की प्रक्रिया को लेकर विभाग द्वारा किसी कंपनी से अनुबंध करने की योजना बनाई जा रही है, जिसकी सूचना विभागीय वेबसाइट पर प्रकाशित की गई है और 30 जुलाई 2025 तक का समय निर्धारित किया गया है। यह प्रस्ताव न केवल वाहन स्वामियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार डालेगा, बल्कि यह केंद्र सरकार की ओपन पॉलिसी तथा उपभोक्ताओं की स्वतंत्रता के भी प्रतिकूल है। 
 उन्होंने कहाकि संगठन के द्वारा विगत वर्षों में भी इस तरह की प्रक्रिया का विरोध किया था, जिसे राज्य सरकार द्वारा स्थगित कर दिया गया । भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 6 सितंतर 2021 को जारी उपर्युक्त पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वाहन स्वामी एआईएस -090 प्रमाणित रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप किसी भी अधिकृत विक्रेता से क्रय कर अपने वाहन पर लगा सकते हैं। इसके बावजूद मध्यप्रदेश परिवहन विभाग द्वारा केवल  चयनित कंपनी से ही टेप लगवाने की अनिवार्यता थोपना न केवल अनुचित है, बल्कि इससे लाखों ट्रक ऑपरेटरों व वाहन स्वामियों के हित प्रभावित होंगे।
 

भारी वाहन मालिकों हित में संगठन की मांग  
 मध्यप्रदेश में केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित ओपन पॉलिसी को अक्षरशः लागू करवाया जाए।  किसी कंपनी को अनुबंधित कर रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप लगाने का एकाधिकार नही दिया जाए।  समस्त एआईएस एआईएस-090 प्रमाणित टेप को मान्यता दी जाए तथा वाहन स्वामियों को किसी भी अधिकृत विक्रेता से टेप क्रय कर लगाने की स्वतंत्रता प्रदान की जाए।