आत्माराम सोनी.भोपाल
 जीएसटी की दरों में सुधार करने के ऐलान के बाद कारोबार जगत के साथ ही आम जनमानस में उत्साह दिख रहा है। केंद्र सरकार के इस कदम और प्रस्ताव का उद्योग और व्यापार जगत के दिग्गजों ने स्वागत किया है। उन्होंने कहाकि यह कराधान प्रणाली में सरलीकरण, पारदर्शिता और दक्षता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। यह एक बहुत जरूरी सुधार है जो अनुपालन बोझ को कम करने और कर व्यवस्था में स्पष्टता लाने का वादा करता है।  जीएसटी स्लैब बदलने से हर वर्ग को फायदा होगा।  उद्योग और व्यापारिक संगठनों के दिग्गजों ने एक स्वर में वन नेशन, वन ट्रेड और वन टैक्स दर की मांग भी उठाई है।  व्यापारियों ने कहा कि वर्तमान में पांच प्रकार के टैक्स स्लैब से लोग परेशान हैं। बढ़ती महंगाई से ग्राहक ही नहीं बल्कि कारोबारी भी पिस रहे हैं। 

 

अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के दिशा में मील का पत्थर साबित होगा यह सुधार 

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जीएसटी 2.0 की घोषणा किए जाने का सीआईआई ने देश के आर्थिक सुधारों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया है। वस्तु एवं सेवा कर सुधारों के इस अगले चरण का उद्देश्य दरों को युक्तिसंगत बनाकर कर संरचना को सरल बनाना, वर्गीकरण विवादों, उलटे शुल्क ढांचे जैसे मुद्दों का समाधान करना और अनुपालन बोझ को कम करना है।   जीएसटी 2.0 एक दूरदर्शी सुधार है,जो आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है। आवश्यक वस्तुओं पर कम कर, तेज रिफंड और तकनीक-सक्षम अनुपालन प्रक्रियाएं उपभोग को बढ़ावा देंगी। लागत कम करेंगी और नागरिकों के लिए जीवनयापन को आसान बनाएंगी। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) इन सुधारों का पूर्ण समर्थन करता है और उद्योग के हितधारकों से नीति निर्माताओं के साथ सक्रिय रूप से जुड़ने, समय पर अनुपालन सुनिश्चित करने और एक मजबूत, अधिक प्रतिस्पर्धी भारतीय अर्थव्यवस्था के निर्माण में योगदान देने का आग्रह करता है।
ऋषि कुमार बागला 
अध्यक्ष, सीआईआई पश्चिमी क्षेत्र, भारतीय उद्योग परिसंघ 

 

  दो स्लैब के आने पर  अधिकांश वस्तुएं सस्ती हो जाएंगी


 28 फीसदी के स्लैब में अधिकांश प्रोडक्ट आते है जैसे टीवी, फ्रिज, टायर, कार, स्कूटर, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे कई आइटम।  दो स्लैब के आने पर यह सब कुछ 10 प्रतिशत सस्ते हो जाएंगे। सरकार ने कई वस्तुओं पर सेस भी समाप्त करने की घोषणा की है, जिससे उपभोक्ता के उपयोग की चीजें सस्ती हो जाएंगी, मार्केट में उछाल आएगा। अब आम उपभोक्ता का दायित्व होगा कि वो स्वदेशी निर्मित वस्तुओं की ही खरीददारी करें, ताकि भारतीय उद्योगों को फलने -फूलने का अवसर मिले, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान हो।  
अजय सिंह
अध्यक्ष, मध्यप्रदेश पेट्रोल पंप ऑनर्स एसोसिएशन
 

 

 उपभोक्ता को भी इसका लाभ मिलेगा


कर की दर कम होने से व्यापार बढ़ता। वर्तमान में अमेरिका द्वारा छेड़े गए टैरिफ वार में यह दो स्लैब का जीएसटी  मिल का पत्थर साबित होगा। व्यापारी वर्ग इसका हृदय से स्वागत करता है। जहां एक और व्यापारी को प्रतिस्पर्धा में बने रहने का अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर उपभोक्ता को भी इसका लाभ मिलेगा।
राजेश जैन 
संचालक, कल्याण दाल मिल्स,भोपाल 

 

 आर्थिक गति, राहत और स्थिरता देने वाला निर्णय साबित होगा


केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी को केवल दो स्लैब में सरल बनाने का विचार सराहनीय कदम है। यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो इससे व्यापार एवं उद्योग, ट्रांसपोर्ट जगत को व्यापक लाभ होगा। टैक्स ढांचा सरल होने से बिलिंग और रिटर्न फाइल करना आसान होगा। कर दरों में स्पष्टता आने से विवाद और कर चोरी की संभावना घटेगी। दो स्लैब होने से छोटे-मध्यम उद्योग और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन मिलेगा।  वर्तमान में ट्रांसपोर्ट से जुड़े वाहन, पार्ट्स, रिपेयर, टायर-ट्यूब, लुब्रिकेंट्स आदि पर ऊंची जीएसटी दरों का भारी बोझ है। दो स्लैब व्यवस्था से इसमें कमी आने की संभावना है। लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी जिससे माल भाड़ा दरें स्थिर होंगी और व्यापार को गति मिलेगी। इनपुट टैक्स क्रेडिट और रिवर्स चार्ज से जुड़ी जटिलताओं में राहत मिलने से नकदी प्रवाह सुधरेगा।टैक्स कंप्लायंस आसान होने से छोटे ट्रांसपोर्टरों को बड़ा सहारा मिलेगा।गिरते हुए ट्रांसपोर्ट व्यापार को स्थिरता और मजबूती मिलेगी। साथ ही उपभोक्ताओं को स्थिर और पारदर्शी मूल्य का लाभ मिलेगा महंगाई कम होगी रोजगार पैदा होंगे । केंद्र सरकार अपनी बात पर कायम रह कर ईमानदारी से 2 स्लैब बगैर बायपास रास्ते के जीएसटी को 2 स्लैब में सरल बनाएगी तो व्यापार एवं उद्योग जगत के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट व्यापार के लिए भी आर्थिक गति, राहत और स्थिरता देने वाला निर्णय साबित होगा।
सी.एल. मुकाती
मैनेजिंग कमेटी मेंबर ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस नई दिल्ली

 

  खरीदारों को अधिक सक्रिय रूप से खरीदारी का मिलेगा मौका 


दो स्लैब से व्यवसायों के लिए रिटर्न दाखिल करना आसान हो जाएगा। अगर 99 फीसदी वस्तुओं को 28 फीसदी स्लैब से 18 फीसदी जीएसटी स्लैब में परिवर्तित कर दिया जाए, तो ग्राहकों को लाभ होगा। इससे विभिन्न वस्तुओं की लागत कम होगी और दीपावली से पहले आने से ग्राहकों की खरीदारी में सुधार होगा। इससे भारत में व्यापार और विनिर्माण दोनों क्षेत्रों को लाभ होगा। अमेरिका द्वारा कड़े टैरिफ लगाने के कारण निर्यात आय में हुए नुकसान को देखते हुए, जीएसटी में कमी से भारत के समावेशी विकास में सुधार होगा और भारतीय खरीदारों को अधिक सक्रिय रूप से खरीदारी करने में सक्षम बनाकर इस नुकसान की काफी हद तक भरपाई हो जाएगी।
आशीष पांडेय 
अध्यक्ष,  फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर एसोसिएशन मध्यप्रदेश 


 
 जीएसटी में सुधार का सभी कर रहे इंतजार  


इससे अधिकतर वस्तुएं सस्ती होंगी। व्यापारियों के पास नगदी बढ़ेगी। जीएसटी रजिस्ट्रेशन बढ़ेंगे। ज्यादा व्यापारी टैक्स के दायरे में आएंगे। टैक्स कलेक्शन बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था बेहतर होगी। सभी इसका इंतजार कर रहे थे।
  प्रेमनारायण यादव
संचालक, कुंदन नमकीन एंड मिष्ठान 

 

कर अनुपालन को आसान बनाएगा 


 कम दर स्लैब के साथ एक सरलीकृत जीएसटी न केवल व्यवसायों, विशेष रूप से एमएसएमई के लिए कर अनुपालन को आसान बनाएगा, बल्कि वर्गीकरण विवादों को भी कम करेगा, स्थिरता को बढ़ावा देगा, परिचालन लागत को कम करेगा और राजस्व की भविष्यवाणी को बढ़ाएगा।  मध्यम वर्ग के लिए कर छूट का दायरा बढ़ाए जाए। जीएसटी की मार से व्यापारी के साथ ही हर तबका परेशान है। डीजल-पेट्रोल अगर इसके दायरे में आ जाएंगे तो आम जनता को काफी लाभ होगा। कर छूट की सीमा बढ़ने से जरूर मध्यम वर्ग को फायदा होगा। 
         
तेजकुलपाल सिंह पाली

 अध्यक्ष भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज

 

 यह सुधार रोजगार सृजन का इंजन बनेगा 


सरलीकृत जीएसटी संरचना और क्षेत्र-संवेदनशील कराधान से अधिक संतुलित और मजबूत अर्थव्यवस्था का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।  नई जीएसटी संरचना न केवल कराधान को सरल बनाएगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगी कि भारत के छोटे व्यवसाय, जो रोजगार सृजन का इंजन बनेगा , भविष्य के लिए सशक्त और मजबूत बनें। 
बलदेव खेमानी 
अध्यक्ष, लोहा व्यापारी एवं निर्माता संघ भोपाल

 

 छोटे और मझोले कारोबारियों को प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिलेगी


जीएसटी दरों में प्रस्तावित कटौती व्यापारियों के लिए सीधी राहत और ग्राहकों के लिए सस्ती कीमतों की सौगात है। इससे बाजार में मांग को गति मिलेगी। छोटे और मझोले कारोबारियों को प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिलेगी।
 
 शैलेंद्र गुप्ता 
 उपाध्यक्ष,लोहा व्यापारी एवं निर्माता संघ भोपाल