100 से अधिक पौधों का रोपण, विभिन्न बैंकों के सैकड़ों अधिकारियों ने एकजुट होकर दिया पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश

एवीएस न्यूज .भोपाल

बैंक राष्ट्रीयकरण की 57वीं वर्षगांठ के अवसर पर ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (AIBOC), मध्यप्रदेश इकाई द्वारा जम्बूरी मैदान, BHEL, भोपाल में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। बैंकिंग इतिहास के इस महत्वपूर्ण अवसर को सामाजिक सरोकार और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए 100 से अधिक पौधों का रोपण किया गया तथा उनके संरक्षण एवं संवर्धन का सामूहिक संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम की विशेषता रही कि AIBOC के विभिन्न घटक संगठनों से जुड़े भारतीय स्टेट बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, यूको बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र सहित विभिन्न बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों के सैकड़ों अधिकारी साथी एक मंच पर एकजुट हुए। बैंकिंग बिरादरी की इस व्यापक सहभागिता ने संगठनात्मक एकता, सामाजिक प्रतिबद्धता और पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश दिया।

AIBOC के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव अनिल कुमार श्रीवास्तव ने कहा, “बैंक राष्ट्रीयकरण केवल बैंकों के स्वामित्व में परिवर्तन नहीं था, बल्कि भारतीय बैंकिंग को जनोन्मुखी बनाने वाली ऐतिहासिक सामाजिक-आर्थिक पहल थी। इसने किसान, श्रमिक, छोटे उद्यमी और समाज के वंचित वर्गों तक संस्थागत बैंकिंग की पहुँच का विस्तार किया। आज उसी जनकल्याण की भावना को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना इस ऐतिहासिक अवसर की सार्थक अभिव्यक्ति है।”

AIBOC मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष सुबिन सिन्हा ने कहा, “राष्ट्र निर्माण में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की भूमिका केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक भी रही है। आज विभिन्न बैंकों के सैकड़ों अधिकारियों का पर्यावरण संरक्षण के लिए एकजुट होना दर्शाता है कि बैंक अधिकारी अपने व्यावसायिक दायित्वों के साथ समाज और आने वाली पीढ़ियों के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी पूरी प्रतिबद्धता से निभा रहे हैं।”

AIBOC मध्यप्रदेश इकाई के सचिव दिनेश झा ने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें संरक्षित एवं विकसित कर आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित विरासत तैयार करना है। आज लगाया गया प्रत्येक पौधा स्वच्छ पर्यावरण और सुरक्षित भविष्य के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है।”

इस वृहद पौधारोपण अभियान को सुव्यवस्थित एवं प्रभावी स्वरूप देने में पर्यावरण हितैषी एवं SBI ऑक्सीजन बैंक के संस्थापक डॉ. पंकज भारती का विशेष सहयोग रहा। उनकी देखरेख एवं मार्गदर्शन में पौधों के चयन, व्यवस्थित रोपण तथा उनके भावी संरक्षण को ध्यान में रखते हुए अभियान को सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया गया। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उनके निरंतर प्रयासों एवं अनुभव ने इस अभियान को विशेष सार्थकता प्रदान की।

कार्यक्रम में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के जनरल सेक्रेटरी अम्बरीष नंदा, पंजाब नेशनल बैंक के जनरल सेक्रेटरी निर्भय सिंह, यूनियन बैंक ऑफिसर्स यूनियन के जनरल सेक्रेटरी दीपक नायर, यूको बैंक के पदाधिकारी सुमित मिश्रा, इंडियन बैंक के प्रशांत रघुवंशी, जयंत सेन, कपिला मेघानी, अमित प्रजापति एवं अभिमन्यु राय, AIBOC मीडिया प्रभारी अरविंद पंडियार तथा केनरा बैंक के मनीष चतुर्वेदी सहित विभिन्न घटक संगठनों के प्रमुख पदाधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता की।

इसके साथ ही भारतीय स्टेट बैंक के पदाधिकारी क्षितिज तिवारी, लता भारती, शिवप्रसाद अहिरवार, भावना ताहिलयानी एवं राहुल सोनकुंवर,ऋषि रोकड़े सहित अनेक महत्वपूर्ण पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में बैंक अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने स्वयं पौधारोपण कर इस आयोजन को महज एक औपचारिक कार्यक्रम न रहने देकर सामूहिक सहभागिता, संगठनात्मक एकजुटता और सामाजिक प्रतिबद्धता के अभियान का स्वरूप दिया।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1969 में 14 प्रमुख बैंकों का राष्ट्रीयकरण भारतीय बैंकिंग इतिहास का एक महत्वपूर्ण मोड़ था, जिसने बैंकिंग सेवाओं के विस्तार, वित्तीय समावेशन को गति देने तथा कृषि, लघु उद्योग और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को संस्थागत वित्त से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बैंकिंग को जनहित, सामाजिक सरोकार और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने वाली इसी मूल भावना को आगे बढ़ाते हुए AIBOC मध्यप्रदेश इकाई ने बैंक राष्ट्रीयकरण की 57वीं वर्षगांठ को पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ मनाकर एक सार्थक और प्रेरक संदेश दिया।

सैकड़ों बैंक अधिकारियों की सामूहिक उपस्थिति और 100 से अधिक पौधों का रोपण इस बात का प्रतीक बना कि बैंकिंग समुदाय की भूमिका केवल देश की आर्थिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह सामाजिक सरोकारों, पर्यावरण संरक्षण और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।

“जिस बैंकिंग ने देश के आर्थिक भविष्य को सींचा, उसी बैंकिंग बिरादरी ने आज पौधे रोपकर आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को संवारने का संकल्प लिया।”