बीमा क्षेत्र में 100 फीसदी एफडीआई की अनुमति का विरोध
.भोपाल । बीमा क्षेत्र में 100 फीसदी एफडीआई , निजी कॉरपोरेट्स को आईडीबीआई बैंक की बिक्री और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में पूंजी के विनिवेश के विरोध में आईडीबीआई बैंक के अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा आयोजित हड़ताल के समर्थन में सोमवार को ऑल इंडिया बैंक एम्प्लाईज एसोसिएशन, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन , बैंक एम्प्लाईज फेडरेशन ऑफ इंडिया तथा वित्तीय संस्थानों द्वारा देशभर में प्रदर्शन किया गया है। जिसके चलते राजधानी भोपाल में भी विभिन्न बैंकों के सैंकड़ों बैंक कर्मचारी और अधिकारियों ने इंदिरा प्रेस कंपलेक्स स्थित पंजाब नेशनल बैंक की आईपीसी शाखा के सामने एकत्रित होकर मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी कर प्रदर्शन किया ।
इस मौके पर बैंक कर्मचारी नेता वीके शर्मा, दीपक रत्न शर्मा, भगवान स्वरूप कुशवाहा, नजीर कुरैशी, जेपी झवर, गुणशेखरन, देवेंद्र खरे, विशाल धमेजा, अशोक पंचोली, सत्येंद्र चौरसिया, राजीव उपाध्याय, कैलाश माखीजानी, के वासुदेव सिंह ,वैभव गुप्ता, अनंत खरे, विशाल जैन, रामकुमार साहू, अनिल जैन उपस्थित रहें। इस दरमियान आयोजित सभा में वक्ताओं ने बताया कि सरकार ने बीमा क्षेत्र में 100 फीसदी एफडीआई की अनुमति देने का फैसला किया है। एक तरफ सरकार स्वदेशी सामानों का इस्तेमाल करने की अपील कर रही है वहीं दूसरी ओर देश के वित्तीय संस्थानों का विदेशीकरण करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
वर्तमान में आईडीबीआई बैंक में सरकार और एलआईसी के पास कुल मिलाकर 94 फीसदी पूंजी है और अब सरकार के पास,एलआईसी की 61 फीसदी इक्विटी पूंजी निजी कॉर्पोरेट निवेशकों को बेचने का प्रस्ताव है। इसी तरह, वर्तमान में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में पूरी पूंजी केंद्र सरकार, राज्य सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा सब्सक्राइब की जाती है। इसलिए ये सभी सार्वजनिक क्षेत्र में हैं। अब सरकार ने आरआरबी की पूंजी को निजी हाथों में विनिवेश करने की सलाह दी है।

