भावांतर मॉडल भाव 4077 रुपए क्विंटल खुला, 13 को आएंगा किसानों के खाते हुए भावांतर राशि


एवीएस न्यूज..भोपाल
मध्यप्रदेश में सरकार ने सोयाबीन किसानों के लिए भावांतर योजना लागू की है। इसके अंतर्गत किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की भरपाई की जानी है। भावांतर योजना में पहले पंद्रह दिन में एक बार मॉडल रेट तय करने का शेड्यूल बनाया था पर अब हर रोज मॉडल भाव जारी किए जा रहे हैं। प्रदेशभर के सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए बुधवार यानि 12 नवंबर को 4077 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। जानकारी के राज्य सरकार द्वारा गुरूवार 13 नवंबर को भावांतर योजना तहत मॉडल भाव और न्यूनतम समर्थन मूल्य के बीच की राशि सोयाबीन विक्रेता किसानों को डाली जाएगी। जानकारी के अनुसार भोपाल कृषि उपज मंडी में एमएसपी से अधिक भाव पर सोयाबीन बेचने वाले किसानों को भावांतर भुगतान योजना का लाभ नहीं मिलेगा। 
मंडी अधिकारियों के अनुसार जिन किसानों ने मंडी में तौल शुरू होने से पहले उपज बेच दी उन्हें योजना चालू होने के बाद उपज में कटौती करेंगे। उदाहरणार्थ किसान के पास 50 क्विंटल सोयाबीन है और उन्होंने 20 क्विंटल का पहले तौल कर लिया है तो योजना में उन्हें 30 क्विंटल का ही लाभ मिलेगा।
 अधिकारियों के अनुसार ऐसे किसानों की सूची बना ​ली गई है।ई-मंडी पोर्टल में ऐसे किसानों की लिस्ट तैयार किया है जिनकी उपज एमएसपी (5328 रुपए प्रति क्विंटल ) से अधिक भाव पर बिकी है। उन्हें योजना का लाभ नहीं मिलेगा। भावांतर भुगतान योजना में शासन की गाइड लाइन के तहत ऐसे किसानों के राशि में 25 प्रतिशत अंतर राशि की कटौती होगी, जिन्हें राहत राशि मिली है। ऐसे किसानों को 75 प्रतिशत अंतर राशि का ही भुगतान होगा। उदाहरण के तौर पर भावांतर में जिस किसान की अंतर राशि एक लाख रुपए होती है उन्हें 75 हजार रुपए का ही भुगतान किया जाएगा।
- मंडी में सोयाबीन की आवक 8 हजार बोरे की रही 


 करोंद स्थित कृषि उपज मंडी स्थित भोपाल ग्रेन मर्चेंट एंड ऑयल सीड्स एसोसिएशन के प्रवक्ता संजीव जैन ने बताया बुधवार को गल्ला मंडी में सोयाबीन क्वालिटीनुसार 4300 रुपए 5500 रुपए क्विंटल के भाव बिका। मंडी में सोयाबीन की आवक 8 हजार बोरे की रही है। उन्होंने बताया कि 14 दिन में भावांतर का मॉडल रेट जारी करने की घोषणा है। अत: सोयाबीन की खरीदी शुरू हुए 15 दिन से अधिक समय हो गए है लेकिन 7 नवंबर को मॉडल भाव जारी होने के चलते सरकार द्वारा संभत: 13 नवंबर को किसानों के खाते में भावातंर की राशि डालेगी।  


मंडी  में सर्वर डाउन रहने से खरीदारी प्रभावित,किसान और व्यापारी हो रहे परेशान 
अनाज व्यापारियों ने बताया कि ई-मंडी पोटर्ल के मार्फत सोयाबीन की खरीदी होने से पोर्टल पर सर्वर डाउन की समस्या निर्मित होने से खरीदारी प्रभावित हो रही है। जिससे किसान और व्यापारी दोनों परेशान हैं।

सिरोंज मंडी अनाज व्यापारी संघ के अध्यक्ष समीर भार्गव ने बताया कि सर्वर ठप होने से बाजरे, धान, मूंग और उड़द जैसी फसलों की सरकारी खरीद या बोली प्रक्रिया रुक जाती है या बहुत धीमी हो जाती है, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। उनके अनुसार किसान अक्सर अपनी उपज बेचने के लिए किराए पर ट्रैक्टर या अन्य वाहन लेकर मंडी आते हैं। यदि सर्वर डाउन होने से खरीद नहीं हो पाती, तो उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान होता है। वहीं भावांतर योजना या अन्य सरकारी खरीदी योजनाओं के तहत, किसानों को पहले प्रवेश पर्ची बनवानी होती है या स्लॉट बुकिंग करनी होती है। सर्वर डाउन होने पर यह प्रक्रिया बाधित होती है। सर्वर डाउन होने से व्यापारियों का भी काम प्रभावित होता है, क्योंकि वे समय पर लेनदेन और संबंधित दस्तावेजीकरण पूरा नहीं कर पाते है और व्यापार प्रभावित होता है।

 उनका कहना है कि खरीद प्रक्रिया में बाधा आने से मंडियों में अव्यवस्था फैल जाती है, जिससे कभी-कभी किसानों को विरोध प्रदर्शन या हंगामा कर देते हैं। यह समस्या विभिन्न मंडियों में समय-समय पर सामने आती रही है, जिसमें मध्य प्रदेश की कई मंडियां शामिल है।