हाईकोर्ट के ऐतिहासिक फैसले से 6 लाख बाइक टैक्सी चालकों के आजीविका के अधिकार को मिली सुरक्षा
एवीएस न्यूज..बेंगलुरु
उच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय का बाइक टैक्सी वेलफेयर एसोसिएशन (बीटीए) स्वागत करते हुए कहाकि हाईकोर्ट के ऐतिहासिक फैसले से 6 लाख बाइक टैक्सी चालकों के आजीविका के अधिकार को सुरक्षा मिली है।
बीटीए के अनुसार मोटर वाहन अधिनियम के तहत बाइक टैक्सी संचालन को लेकर लंबे समय से चली आ रही कानूनी अनिश्चितता को समाप्त हो गई है। यह निर्णय संविधान द्वारा प्रदत्त आजीविका के अधिकार की सशक्त पुष्टि है और यह सुनिश्चित करता है कि बाइक टैक्सी राज्य में रोजगार का एक मजबूत आधार बनी रहें।
बीटीए के अनुसार इस फैसले के माध्यम से उन 6 लाख से अधिक नागरिकों को महत्वपूर्ण राहत मिली है, जिनकी आजीविका इस क्षेत्र पर निर्भर है। न्यायालय ने युवाओं, प्राथमिक कमाने वालों और गिग इकॉनॉमी पर निर्भर परिवारों की आय के एक अहम स्रोत की रक्षा की है, जो सम्मानजनक, वैध और सतत रोजगार के रूप में बाइक टैक्सी सेवा से जुड़े हैं।
फैसला लाखों बाइक टैक्सी चालकों के लिए नई जिंदगी की तरह: आदि नारायण
बाइक टैक्सी वेलफेयर एसोसिएशन (बीटीए) के अध्यक्ष आदि नारायण ने कहाकि यह ऐतिहासिक फैसला कर्नाटक के लाखों बाइक टैक्सी चालकों के लिए नई जिंदगी की तरह है। मोटरसाइकिल परमिट की वैधता को मान्यता देकर उच्च न्यायालय ने हमारे मेहनतकश समुदाय के श्रम की गरिमा को स्वीकार किया है। यह निर्णय हमारे युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों को बढ़ाता है और अनगिनत परिवारों को कानूनी स्थिरता और सुरक्षा प्रदान करता है। अब हमारे चालक पूरे विश्वास के साथ आगे बढ़ सकते हैं, यह जानते हुए कि कानून उनके साथ खड़ा है।

