स्मारिका के माध्यम से अभिभावकों ने ली युवक-युवती की जानकारी 
एवीएस न्यूज.भोपाल 
दिगंबर जैन युवक युवती परिचय सम्मेलन के तीसरे और अंतिम दिन सम्मेलन में देश-विदेश से आए प्रत्याशियों ने बेबाकी के साथ अपना-अपना परिचय दिया। बहुत से युवक-युवती ने बिना किसी संकोच से मंच से अपना परिचय दिया और आत्मविश्वास से भरे नजर आएं। और प्रकाशित स्मारिका के माध्यम से अभिभावकों ने जानकारी ली। सम्मेलन के दौरान युवक-युवती एवं परिवारजनों का मिलन का सिलसिला जारी रहा। इस सम्मेलन के अंतिम दिन भीड़ देखने का मिली। 
समिति के मीडिया प्रभारी एवं प्रवक्ता सुनील जैनविन ने बताया कि,आज लगभग 300 से अधिक प्रत्याशी आज अपना परिचय दिया 


 सम्मेलन के महामंत्री इंजीनियर विनोद जैन ने बताया कि जैन युवक-युवती सम्मेलन अपने आप में अनोखा परिचय सम्मेलन है जिसके माध्यम से युवा अपने जीवन साथी का चुनाव कर सकते हैं। इस परिचय सम्मेलन में जैन समाज के उच्च शिक्षित, सामान्य शिक्षित, प्रोफेशनल, व्यवसायी, सरकारी सेवारत युवक - युवती एवं उनके अभिवाक गण परस्पर परिचय एवं संवाद द्वारा योग्य जीवन साथी की तलाश मिलन स्मारिका से करेंगे। श्री जैन ने कहा कि कहा कि समाज द्वारा विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए परिचय सम्मेलन का आयोजन हमारी समिति का सराहनीय कार्य है। योग्य जीवन साथी की तलाश में एक माध्यम बनना पुनीत कार्य है। परिचय सम्मेलन एक ऐसा मंच है, जहां समाज के विवाह योग्य युवक-युवती आते हैं और मंच में अपना परिचय देते हैं। मिलन पत्रिका में भी परिचय प्रकाशित किया जाता है। इससे वैवाहिक रिश्ते जोडऩे में मदद मिलती है। समाज की इस पहल से संसाधन और समय की बचत होती है।
समिति के मीडिया प्रभारी एवं प्रवक्ता सुनील जैनविन ने बताया कि सम्मेलन में देश के अलग-अलग स्थानों से तो परिवार पहुंचे ही थे, विदेश से भी संस्कार लोगों को यहां खींच लाये। बताया कि पिछले 25 वर्ष से इस सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यही है कि जैन समाज के अपने ही समाज में रिश्ते हो जाएं। इससे जैन धर्म भी बचा रहेगा। एक छत के नीचे अलग अलग शहरों से लोग आते हैं जो एक दूसरे को समझते हैं और रिश्ते बन जाते हैं। खास बात यह है कि जिन युवाओं का तलाक हो चुका है, उनको भी नये सिरे से जिंदगी शुरु करने का अवसर मिल रहा है।
 यह बोले सम्मेलन में पहुंचे लोग 
इंदौर से आई अलका जैन अपनी बेटी व बेटे के लिए रिश्ता देख रहीं थी। बातचीत में उन्होंने कहा कि उनके परिवार की इच्छा है कि घर से उनकी बेटी जाये तो दूसरी बेटी घर में आ जाए। क्योंकि वह बेटी और बहू में कोई फर्क नहीं मानती हैं। दिल्ली से अपने परिवार को लेकर पहुंचे संदीप जैन सम्मेलन को लेकर बेहद उत्साहित दिखे। उन्होंने बताया कि उनका बेटा आस्ट्रेलिया में है जो खास इस परिचय सम्मेलन के लिए भारत आया है। वह संस्कारवान बहू ढूंढ रहे हैं जो जैन समाज में और केवल भारत में ही मिल सकती है। रूड़की हरिद्वार की पंखुड़ी जैन अपने लिए देवरानी ढूंढने आईं थीं। उन्होंने कहा कि परिचय सम्मेलन में बहुत अच्छे अच्छे रिश्ते आए हैं। उनको व उनके परिवार को ऐसी बहू की जरूरत है जो पूरे घर को अच्छे से संभाल ले। संस्कारी हो और पूरे परिवार को जोड़कर रखे।

सम्मेलन में अध्यक्ष मनोहरलाल टोंग्या, महामंत्री इंजीनियर विनोद जैन, पीसी सेठी, अशोक जैन (आकृति) (स्मारिका पत्रिका के संपादक), नरेन्द्र टोंग्या, प्रमोद हिमांशु, रविन्द्र जैन (पत्रकार), विजय जैन (नुना), राकेश जैन (अनुपम)विजय बोहरा, अनिल जैन, अतुल जैन (एलआईसी), शिखरचंद्र जैन, आलोक जैन (सुभाष नगर),शैलेन्द्र माया,डॉ.पीके जैन, प्रशांत जैन, संजय जैन (मुंगावली)पंकज इंजीनियर, विजय मोदी, चंद्रकुमार जैन, राजीव जैन (सर), राजीव जैन (राज), वीरेन्द्र जैन (श्रीजी),दिनेश राजवंश, सुनील पटेल, सुबोध जैन (पुट्ठामिल) पधाधिकारी गण एवं समाज के वरिष्ठ जन उपस्तिथ रहे।