डबल बेंच में दायर याचिका में ट्रांसपोर्टरों ने दिया केंद्रीय परिवहन मंत्री के उन पत्रों का भी हवाला जिसमें चेकपोस्ट पर अवैध वसूली की शिकायतों का है जिक्र
सहयोग स्वरूप सरकार से भी डबलबेंच में रिट दायर करने ट्रांसपोर्टर 52 जिलों और 15 राज्यों में एकसाथ सौपेंगे ज्ञापन
एवीएस न्यूज.. भोपाल
मध्यप्रदेश में आरटीओ चेकपोस्ट को दोबारा शुरू करने के जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ ट्रांसपोर्टर हाईकोर्ट की डबल बेंच (खंडपीठ) में पुनर्विचार याचिका दायर करने की तैयारी कर ली है।
इस याचिका में ट्रांसपोर्टर्स ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा मध्य प्रदेश सरकार को लिखे गए उन पत्रों का हवाला दिया है, जिनमें चेकपोस्टों पर होने वाली अवैध वसूली और भ्रष्टाचार का विशेष रूप से जिक्र किया गया था।
इसके साथ ही मध्य प्रदेश और देशभर के ट्रांसपोर्टर, विशेष रूप से आरटीओ चेकपोस्ट पर जारी अवैध वसूली और हाईकोर्ट के आदेशों के कथित उल्लंघन के खिलाफ 52 जिलों और 15 राज्यों में एक साथ ज्ञापन सौंपेंगे। इस आंदोलन में सहयोग स्वरूप सरकार से भी डबल बेंच में रिट दायर करने की मांग करेंगे। ताकि चेकपोस्ट की समस्याओं का स्थाई समाधान हो सके।

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) और आरटीओ एवं ट्रैफिक कमेटी, चेयरमैन सीएल मुकाती का कहना है कि चेकपोस्ट भ्रष्टाचार के केंद्र रहे हैं। गडकरी के पत्रों के आधार पर वे कोर्ट को बताएंगे कि कैसे इन चेकपोस्टों पर वाहनों के चक्कों की संख्या के हिसाब से अवैध वसूली की जाती है।
मुकाती ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और केंद्रीय परिवहन मंत्री सहित अन्य उच्चाधिकारियों को चेकपोस्ट पर अवैध वसूली के संबंध में सैकड़ों बार शिकायतें की हैं, जिन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अपनी बात को मजबूती देने के लिए ट्रांसपोर्टर्स 'सौरभ शर्मा केस' का हवाला भी देंगे, जो चेकपोस्टों पर वसूली में शामिल रहा है।
ट्रांसपोर्टर्स ने चेकपोस्ट दोबारा खुलने की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भी पत्र लिखा है, क्योंकि राज्य सरकार ने जुलाई 2024 में भ्रष्टाचार के कारण ही इन्हें बंद किया था। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि वे ओवरलोडिंग के खिलाफ हैं, लेकिन इंस्पेक्टर राज और चेकपोस्ट के नाम पर हो रही अवैध वसूली के सख्त खिलाफ हैं, जिसे रोकने के लिए वे न्यायालय से हस्तक्षेप की उम्मीद कर रहे हैं।
ताकि भ्रष्टाचार मुक्त 'सुशासन' की नीति सुरक्षित रहे
ट्रांसपोर्टरों ने मध्यप्रदेश सहित पड़ोसी राज्यों की सरकारों से अपील की केंद्र सरकार के निर्देशों और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा भ्रष्टाचार संबंधी चिंताओं को आधार बनाकर राज्य सरकार तत्काल उच्च न्यायालय की डबल बें सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर करे।
जिससे भ्रष्टाचार मुक्त 'सुशासन' की नीति को सुरक्षित रखने के लिए 'फिजिकल चेकपोस्ट' के स्थान पर 'डिजिटल मॉनिटरिंग' को ही प्राथमिकता दी जाए।






