एवीएस न्यूज.भोपाल


पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच सोना-चांदी से लेकर शेयर बाजार तक में गिरावट देखने को मिल रही है। ऐसे में काफी निवेशकों ने सोना, चांदी और इक्विटी जैसे जोखिम वाले असेट्स से तेजी से पैसा निकालना शुरू कर दिया है और नकदी (कैश) को प्राथमिकता दे रहे हैं। बाजार में इस समय कैश इज किंग का माहौल बन गया है।
गौरतलब है कि निवेशकों ने इसे इस उम्मीद से खरीदा था कि इसमें तेजी जारी रहेगी, लेकिन जनवरी 2026 के बाद जो इसकी कीमत धड़ाम हुई है, उससे चांदी अभी तक संभल नहीं पाई है। स्थिति यह है कि यह अपने पीक से आधी भी नहीं बची है यानी चांदी की कीमत अपने उच्चतम स्तर से आधी से भी ज्यादा गिर गई।


 

अब निवेशकों को रुला रही चांदी 
  स्थानीय सराफा व्यापारी नवनीत अग्रवाल के अनुसार पिछले साल एक समय ऐसा था कि चांदी सभी को चौंका रही थी। इसकी कीमत में रोजाना जबरदस्त तेजी आ रही थी, लेकिन यह अब निवेशकों को रुला रही है। इसकी कीमत में लगभग रोजाना गिरावट आ रही है।  

 

जनवरी खत्म होने से कुछ दिन पहले शुरू हुई थी चांदी में गिरावट की गिनती 
साल 2025 में चांदी की कीमतों में 170 फीसदी तक उछाल आया था। यही नहीं, चांदी में यह तेजी जनवरी 2026 में भी जारी रही। जनवरी खत्म होने से कुछ पहले दिनों तक इसमें 70 फीसदी से ज्यादा की तेजी आ गई थी, लेकिन उसके बाद चांदी के भाव में गिरावट की उल्टी गिनती शुरू हुई। इसमें चार दिनों में इतनी गिरावट आई कि निवेशकों के साथ बाजार विश्लेषक भी हैरान रह गए। इसमें अभी तक गिरावट बनी हुई है।
 

4 लाख से ऊपर पहुंच गई थी कीमत
 जनवरी में चांदी में इस कदर तेजी थी कि यह देखते ही देखते प्रति किलो 4 लाख रुपए से ऊपर निकल गई थी। 29 जनवरी को एमसीएक्स पर चांदी 4.39 लाख रुपए प्रति किलो पर थी, जो अभी तक का ऑल टाइम हाई था। मगर अब चांदी में लगातार गिरावट आ रही है।