ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट ने प्रधानमंत्री समेत तीन केंद्रीय मंत्रियों को भेजा ज्ञापन
डीजल के दाम घटाने और तीन माह टोल टैक्स में राहत की मांग
एवीएस न्यूज..भोपाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट के बावजूद देश में डीजल के दामों में अपेक्षित कमी नहीं होने पर ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तथा केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को ज्ञापन भेजकर डीजल की कीमतों में तत्काल कमी, तीन माह के लिए टोल टैक्स में राहत और ट्रांसपोर्ट क्षेत्र के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अपने उच्च स्तर से घटकर लगभग 68.69 डॉलर प्रति बैरल रह गई हैं, लेकिन इसका लाभ डीजल उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचा है।
संगठन का दावा है कि इससे ट्रांसपोर्ट उद्योग, किसान और आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीश सबरवाल, आरटीओ एवं ट्रैफिक कमेटी, चेयरमैन सीएल मुकाती के अनुसार देश के अधिकांश छोटे ट्रांसपोर्टर, जिनके पास एक से दस तक व्यावसायिक वाहन हैं, बढ़ती परिचालन लागत, कम मालभाड़े और आर्थिक मंदी के कारण गंभीर संकट से गुजर रहे हैं।
डीजल के साथ-साथ टायर, स्पेयर पार्ट्स, लुब्रिकेंट्स, इंजन ऑयल, बीमा और टोल टैक्स की बढ़ती लागत ने परिवहन व्यवसाय को प्रभावित किया है। वहीं, वाहन ऋण की किस्तें समय पर जमा नहीं होने से कई वाहन मालिकों के खाते एनपीए बनने की स्थिति में पहुंच रहे हैं।
यह भी उल्लेख किया गया है कि कृषि कार्यों में ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और डीजल चालित उपकरणों के व्यापक उपयोग के कारण किसानों की लागत लगातार बढ़ रही है। वहीं परिवहन खर्च बढ़ने से खाद्यान्न, फल-सब्जियां, दूध, दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ रहा है, जिसका सीधा भार आम उपभोक्ताओं पर पड़ता है। संगठन ने केंद्र सरकार से शीघ्र निर्णय लेकर ट्रांसपोर्ट उद्योग, किसानों और आम जनता को राहत प्रदान करने की मांग की है।
संगठन की प्रमुख मांगें
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के अनुरूप डीजल के दामों में तत्काल कमी।
तेल कंपनियों के अतिरिक्त लाभ का हिस्सा ट्रांसपोर्टरों, किसानों और आम जनता को राहत के रूप में दिया जाए।
कमर्शियल वाहन मालिकों के लिए विशेष आर्थिक पैकेज, लोन रीस्ट्रक्चरिंग और ब्याज में राहत।
राष्ट्रीय एवं राज्यीय टोल प्लाजा पर कम से कम तीन माह के लिए टोल टैक्स वसूली स्थगित की जाए।
ट्रांसपोर्ट संगठनों, किसान संगठनों और संबंधित हितधारकों के साथ बैठक कर स्थायी समाधान के लिए नीति बनाई जाए।






