मध्य प्रदेश बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया: मोहन सरकार का पहला रोलिंग बजट है जिससे यह सिर्फ एक साल का नहीं, बल्कि अगले 2 वर्षों की विकास की रूपरेखा भी तय होती है।

बजट “विकसित मध्यप्रदेश – 2047” के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम
यह बजट मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने वाला व्यावहारिक एवं विकासोन्मुख बजट है। अधोसंरचना एवं औद्योगिक निवेश से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा एमएसएमई क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ने से ग्रामीण बाजारों में मांग बढ़ेगी, जिसका सीधा लाभ व्यापार एवं उद्योग को मिलेगा। यदि उद्योगों के लिए प्रक्रियाएँ और अधिक सरल की जाएँ, तो यह बजट प्रदेश को तीव्र औद्योगिक विकास की दिशा में आगे ले जाएगा। फेडरेशन का मत है कि यह बजट “विकसित मध्यप्रदेश – 2047” के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है तथा उद्योग, व्यापार एवं सेवा क्षेत्र के लिए सकारात्मक वातावरण का निर्माण करेगा।
दीपक शर्मा
अध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ मध्य प्रदेश चेंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री

ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र के लिए सकारात्मक और भविष्योन्मुखी रहा
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा पेश किया गया मध्य प्रदेश का बजट 2026-27 ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र के लिए सकारात्मक और भविष्योन्मुखी रहा है। इस बजट का मुख्य जोर हरित परिवहन और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने पर रहा। मध्य प्रदेश में पंजीकृत होने वाले समस्त श्रेणी के इलेक्ट्रिक वाहनों पर मोटर यान कर में पूर्ण छूट की घोषणा की गई है। पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप कराकर उसी श्रेणी का नया वाहन खरीदने पर मोटरयान कर में 50 फीसदी तक की छूट का प्रावधान किया गया है। भोपाल और इंदौर जैसे प्रमुख शहरों में 972 इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 472 पहले से ही संचालित हैं, जो ईवी इकोसिस्टम को मजबूत करेगा।
आशीष पांडे
अध्यक्ष, भोपाल ऑटोमोबाइल एसोसिएशन

इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ किसान और महिलाओं पर विशेष फोकस का बजट
मोहन सरकार के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा पेश बजट 2026-27 में किसानों, महिलाओं पर विशेष फोकस किया गया है। इसके साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के कई प्रावधान किए गए हैं, जो स्वागत योग्य है। कुल 438 000 करोड रुपए का बजट पेश हुआ है। यह मोहन सरकार का पहला रोलिंग बजट है जिससे यह सिर्फ एक साल का नहीं, बल्कि अगले 2 वर्षों की विकास की रूपरेखा भी तय होती है। मध्य प्रदेश देश का तीसरा सबसे युवा प्रदेश है। प्रदेश में उपलब्ध सभी रिसोर्स का भरपूर इस्तेमाल करने की कोशिश की गई है जैसे ऊर्जा क्षेत्र 3465 करोड़, एमएसएमई लगभग 6000 करोड़, धार्मिक टूरिज्म लगभग 3000 करोड़ रुपए। यह उम्मीद की जा सकती है कि सरकार मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में और नई एवं सरल योजनाएं लाए साथ ही इज ऑफ डूइंग बिजनेस को और जमीनी स्तर पर सरल किया जाना चाहिए।
श्रीमती आस्था वैश्य
चार्टर्ड अकाउंटेंट, भोपाल

प्रदेश की संस्कृति के अनुरूप है बजट , विकास का भी विशेष ध्यान रखा
मध्य प्रदेश सरकार के बजट में जहां महिलाओं युवाओं एवं किसानों का विशेष ध्यान रखा गया है वहीं कोई नया कर नहीं लगा कर आम व्यापारियों एवं जनता को बड़ी राहत दी है। सरकार ने अपने बजट में विकास का भी विशेष ध्यान रखा है एवं प्रदेश के धार्मिक वातावरण को और मजबूत करने के लिए राशि की व्यवस्था की है। उज्जैन में कुंभ को देखते हुए उसके लिए भी बड़ी राशि रखी है। हम कह सकते हैं की यह एक बैलेंस बजट है एवं हमारे प्रदेश की संस्कृति के अनुरूप है बजट का प्रदेश की जनता को आगे चलकर बड़ा लाभ प्राप्त होगा।
सीए राजेश जैन
वरिष्ठ कर सलाहकार

बजट 2026-27: 'विकसित मालवा' का रोडमैप
केंद्रीय और राज्य बजट का यह तालमेल पीथमपुर को 'ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन' बनाने वाला है। विशेष रूप से पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए बड़ी राशि का आवंटन केवल एक सड़क का निर्माण नहीं, बल्कि समृद्धि के एक नए गलियारे का उद्घाटन है। कॉरिडोर से माल ढुलाई की लागत में 12-15 फीसदी की कमी आएगी, जिससे हमारे उत्पाद वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी होंगे। फिनटेक सिटी और डेटा सेंटर के प्रावधानों से क्षेत्र में ₹15,000 करोड़ के नए निवेश की राह खुली है। ऋण गारंटी और डिजिटल सुधारों से छोटे उद्योगों को 'वर्किंग कैपिटल' की समस्या से मुक्ति मिलेगी। लैंड पूलिंग मॉडल' के जरिए किसान और उद्योगपति, दोनों इस विकास गाथा के बराबर के भागीदार बनेंगे।
सीए (डॉ.)गौतम कोठारी
अध्यक्ष, पीथमपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन

बजट में एक आम नागरिक के लिए मात्र औपचारिकता
प्रदेश सरकार के बजट से ना आज ना आगे कोई बड़ी उम्मीद ना रखे, क्योंकि सरकार का अधिकांश पैसा मुफ्त योजनाओं में खर्च हो रहा, विकास कार्यों के लिए धन की बहुत ही कमी है। सरकार को एक उपयुक्त बनिया बुद्धि वित्त मंत्री की आवश्यकता है, जिससे वो वैट की दर को कमी लाकर प्रदेश के व्यवसाय में अभूतपूर्व वृद्धि कर राजस्व वृद्धि कर विकास कार्यों के लिए पैसा उपलब्ध कराए। पेश बजट में एक आम नागरिक के लिए मात्र औपचारिकता है, क्योंकि सरकार की मजबूरी है बजट लाना।
अजय सिंह
अध्यक्ष , पेट्रोल पंप ऑनर्स एसोसिएशन

प्रदेश की आर्थिक स्थिति के हिसाब से बजट स्वागत योग्य
मध्यप्रदेश में एमएसएमई सेक्टर राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। बजट में 2026-27 में एमएसएमई के लिए 3882 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष से 19 फीसदी ज्यादा है । इस बजट का उद्देश्य एमएसएमई को सब्सिडी आधारित ढांचे से बाहर निकाल कर उन्हें प्रतिस्पर्धी और आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान,एक जिला एक उत्पाद अभियान तथा क्लस्टर आधारित विकास मॉडल का प्रावधान किया है जिससे युवाओं को रोजगार तथा स्वयं का उद्गम स्थापित करने में सहायता मिल सकेगी। जिस तरह से प्रदेश की आर्थिक स्थिति है उसे हिसाब से बजट के प्रावधान स्वागत योग्य है।
आरजी द्विवेदी , अर्थशास्त्री

