फाइनेंशियल मैनेजमेंट गड़बड़ाने से शहर के सूखे कुछ पंप, अब क्रेडिट मिलने से हालात सुधरेंगे
एवीएस न्यूज.भोपाल
सरकारी तेल कंपनियों द्वारा पेट्रोल पंप डीलरों को दी जाने वाली क्रेडिट सुविधा (उधार) बंद 5 मार्च से बंद कर दी गई थी, तो डीजल-पेट्रोल संकट की फैली अफवाहों की बदौलत शहर के पेट्रोल पंप पर भी करीब 25 फीसदी अधिक ईंधन की खपत बढ़ गई। नतीजा रोजाना खपत से 25 फीसदी अधिक खपत और क्रेडिट सुविधा होने से शहर के कुछ पंप डीलरों का फाइनेंशियल मैनेजमेंट पूरी तरह से बिगड़ गया। नतीजा जिले के कुछ पेट्रोल पर सूख गए। लेकिन तेल कंपनियों ने अब पेट्रोल-डीजल की सप्लाई के लिए पुन: 3 दिन की क्रेडिट सुविधा(उधार) शुरू कर दी है। अत: ईंधन सप्लाई के हालात सुधरेंगे और पेट्रोप पंपों लोगों पर्याप्त डीजल-पेट्रोल मिलेगा। यह बात मध्यप्रदेश पेट्रोल पंप ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने कही।
हाइवे डीजल पंप के संचालक और एसोसिएश के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहाकि अग्रिम भुगतान अनिवार्य होने से डीलरों पर वर्किंग कैपिटल का भारी दबाव पड़ गया है। पेट्रोल पंप संचालकों को नकद देकर तेल खरीदना पड़ रहा है, जिससे उन्हें फंड मैनेजमेंट में काफी दिक्कत आ रही थी, मगर तेल विपणन कंपनियों ने पुन: केडिट सुविधा की प्रक्रिया शुरू किए जाने से फंड मैनेजमेंट में आने वाली दिक्कत खत्म होगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका, इजराइल और ईरान में तनाव की खबरों के बीच मध्य प्रदेश में पेट्रोल पंपों पर पिछले तीन-चार दिनों से भीड़ बढ़ गई है। कई शहरों में लोग सुबह 5 बजे से ही गाड़ियों के साथ लाइन में लग रहे हैं और देर रात तक पंपों पर दबाव बना हुआ है।
हालांकि सरकार और प्रशासन के साथ हमारी संगठन ने साफ किया है कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। अजय सिंह ने कहाकि अफवाहों के चलते ईंधन की खपत में तेजी आई है। लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवा रहे थे , जिससे दबाव बढ़ा, लेकिन शुक्रवार को भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भीड़ अपेक्षाकृत कम रही। अत: आम उपभोक्ताओं से अपील है कि पैनिक होकर बाइंग नही करें और केवल आवश्यता अनुकूल ही ईंधन वाहनों पर भरवाएं। क्योंकि ईंधन की कोई कम नहीं हैं।

एक्साइज ड्यूटी की कटौती रोकेगी ईंधन की मूल्य वृद्धि को: अजय सिंह
मध्यप्रदशे पेट्रोल पंप ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहाकि भारत सरकार ने वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष के कारण बढ़ रही ग्लोबल फ्यूल प्राइसेज की मार झेल रहे आम ग्राहकों को राहत देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है।
सरकार ने पेट्रोल पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी जो 13 रुपए थी उसे घटाकर 3 प्रति लीटर कर दी है, तो डीजल पर अधिरोपित 10 रुपए की एक्साइज को पूरी तरह खत्म कर दिया है। भारत सरकार का यह कदम डीजल-पेट्रोल की संभावित मूल्य वृद्धि पर अब अंकुश लगाएगा।
सिंह ने कहाकि इस कदम से सरकार का उद्देश्य स्पष्ट हो गया है कि कि सरकार उपभोक्ताओं के लिए ईंधन की लागत को कम करने पर बल दे रही है, जो कि वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के कारण ग्लोबल ऑयल प्राइसेज में लगातार उछाल से प्रभावित हो रहे थे।

