एलपीजी वितरकों ने सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का किया ऐलान, मांगें नहीं मानीं तो अक्टूबर में देशव्यापी आंदोलन
राष्ट्रीय अधिवेशन देशभर के 600 प्रतिनिधि शामिल, कमीशन में तत्काल 75 रुपए करने की मांग
एवीएस न्यूज . भोपाल
एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (इंडिया) के राष्ट्रीय अधिवेशन में केंद्र सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों की नीतियों के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया गया। भोपाल के समन्वय भवन में आयोजित अधिवेशन में देशभर के लगभग 600 प्रतिनिधियों ने भाग लिया और विभिन्न मांगों को लेकर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किए।
एसोसिएशन ने सरकार से मांग की कि डीनोवो स्टडी की सिफारिशों को लागू करते हुए एलपीजी वितरकों के कमीशन में तत्काल 75 रुपए प्रति सिलेंडर (होम डिलीवरी एवं प्रशासनिक शुल्क सहित) की वृद्धि की जाए।
अधिवेशन में आरोप लगाया गया कि सार्वजनिक तेल कंपनियां मनमाने ढंग से वितरकों का शोषण कर रही हैं। एसोसिएशन ने कहा कि वितरकों पर एनएफआर/एआरबी, सुरक्षा होज, लाइटर, चूल्हे और अन्य उत्पादों की बिक्री का दबाव बनाया जाता है। साथ ही बिना मांग के 19 किलोग्राम कमर्शियल और 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडरों की आपूर्ति भी जबरन की जा रही है, जिसे तत्काल बंद किया जाना चाहिए।
एसोसिएशन ने सरकार से पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) को अनिवार्य बनाने संबंधी आदेश वापस लेने की मांग भी की। इसके अलावा बिना किसी पारिश्रमिक के वितरकों से ई-केवाईसी और अन्य कार्य कराए जाने पर आपत्ति जताते हुए प्रत्येक अतिरिक्त कार्य के लिए उचित भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई।
प्रतिनिधियों ने ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं के लिए पीएनजी से जुड़े 25 और 45 दिन के अलग-अलग नियमों को समाप्त करने, नए एलपीजी कनेक्शन फिर से शुरू करने और उपभोक्ताओं को होने वाली कथित परेशानियों को बंद करने की भी मांग उठाई।
एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी. एस. शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो अक्टूबर 2026 में नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर देशव्यापी प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी समाधान नहीं निकलने पर एलपीजी वितरक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।






