बैतूल । हृदय रोग की बढ़ती समस्या आधुनिक जीवनशैली की आदतों से सीधे जुड़ी हुई है। सबसे चिंता की बात यह है कि अब यह केवल बुजुर्गों में ही नहीं, बल्कि युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहा है। डॉ.पुष्कराज शामसुंदर गडकरी, सीनियर कंसल्टेंट, कार्डियोलॉजी, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, नागपुर ने कहा की,खराब खान-पान और नींद की आदतें, व्यायाम की कमी, तंबाकू और शराब का सेवन, तनाव, अधिक समय तक मोबाइल या टीवी का उपयोग, और अनियंत्रित ब्लड प्रेशर और डायबिटीज़– ये सभी युवा और मध्य आयु वर्ग में हृदय रोग बढ़ने के मुख्य कारण हैं।

हर व्यक्ति को इन जोखिमों को कम करने का प्रयास करना चाहिए, ताकि भविष्य में हृदय रोग का सामना न करना पड़े । किसी भी जीवनशैली में बदलाव करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना और कुछ जरूरी स्वास्थ्य जांच करवाना आवश्यक है, जैसे शुगर टेस्ट, थायरॉयड (टीएसएच), एचबीए1सी (ग्लूकोज), किडनी टेस्ट (आरएफटी), लीवर टेस्ट (एलएफटी), लिपिड प्रोफाइल, ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट चेक करना। यदि किसी जांच में असामान्यताएँ पाई जाए, तो दवाइयाँ केवल डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लें। डॉक्टर की अनुमति के बिना दवाइयों को कभी बंद या कम न करें।


डॉ. पुष्कराज शामसुंदर गडकरी, सीनियर कंसल्टेंट, कार्डियोलॉजी, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, नागपुर ने आगे बताया की, जब स्वास्थ्य संबंधी सभी पैरामीटर नियंत्रित हो जाएँ, तो मरीज धीरे-धीरे नियमित व्यायाम शुरू कर सकते हैं और साथ ही व्यायाम का समय और तीव्रता बढ़ा सकते हैं।लोगों को सप्ताह में कम से कम 5 दिन, 30–45 मिनट तेज़ चलने का प्रयास करना चाहिए।

व्यायाम सुबह खाली पेट या शाम को करना चाहिए, लेकिन भारी भोजन के बाद नहीं। खाने के बाद हल्की 5–10 मिनट की वॉक पाचन में मदद कर सकती है। जिन लोगों को ब्लड प्रेशर की दवा लेनी होती है, वे सुबह की वॉक से पहले हल्का नाश्ता (जैसे चाय और बिस्कुट) कर सकते हैं, जबकि डायबिटीज़ के मरीज अपनी दवाइयाँ व्यायाम के बाद, नाश्ते से 5 मिनट पहले लें। तेज या अत्यधिक व्यायाम से बचना चाहिए।स्वस्थ आहार में घर का बना भोजन, ताजे फल, सब्जियाँ, दालें शामिल हों और जंक फूड या तली तली-भुनी/फास्ट फूड से बचना चाहिए।

प्रतिदिन 7–8 घंटे की नींद जरूरी है। सोने से कम से कम 2 घंटे पहले मोबाइल का उपयोग न करें और अच्छी नींद के लिए रात 10:30 बजे सोने और सुबह 6–6:30 बजे उठने की आदत डालें।हृदय को स्वस्थ रखने के लिए तम्बाकू और शराब का पूरी तरह से परहेज़ करें।तनाव कम करने के लिए गहरी साँस लेना, योग और ध्यान जैसी तकनीकें भी फायदेमंद हैं।नमक और तेलयुक्त भोजन का सेवन कम करना चाहिए। रोज़ की वॉक के अलावा, पेशेवर निगरानी में हल्की वेट ट्रेनिंग मांसपेशियों की कमजोरी रोकने में मदद कर सकती है, खासकर मध्य आयु और बुजुर्गों में।


अंत में, हमारा हृदय स्वास्थ्य हमारे हाथ में है। नियमित वार्षिक जांच, ब्लड टेस्ट, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम ये हृदय रोग से बचाव के मुख्य उपाय हैं। इन आदतों को अपनाकर और समय पर डॉक्टर की सलाह लेकर हम हृदय रोग के जोखिम को कम कर सकते हैं और लंबा, स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।