कलर्स ने डिजिटल स्कैम्स के दौर में प्यार को नया ताजगीभरा रंग दिया अपने प्राइमटाइम ड्रामा ‘दो दुनिया एक दिल’ के साथ
एवीएस न्यूज . मुंबई
आज की दुनिया में सब कुछ बस एक क्लिक पर हैशॉपिंग, डेटिंग, कनेक्शन और धोखाधड़ी भी। जिंदगी स्क्रीन और असल पलों के बीच खेली जाती है। प्यार डीएम में शुरू हो सकता है, लेकिन सच्चाई बिना फ़िल्टर सामने आती है। इसी ऑनलाइन और ऑफलाइन दुनिया के बीच के फर्क को दिखाते हुए कलर्स लेकर आया है ‘दो दुनिया एक दिल’, एक दिलचस्प प्रेमकथा जिसमें वर्चुअल वैलिडेशन और असली जज़्बात आमने-सामने आते हैं। एसओएल प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित इस शो में विक्रम सिंह चौहान शिवाय के किरदार में, राची शर्मा आध्या के रूप में और सुधांशु पांडे बलदेव सिंह के रूप में नजर आएंगे। ‘दो दुनिया एक दिल’ सोमवार से शुक्रवार रात 9 बजे सिर्फ कलर्स और जियोहॉटस्टार पर प्रसारित होगा।
इस ड्रामा के केंद्र में है शिवाय कन्नौज शहर का एक तेज-तर्रार, खुद से बना टेक उद्यमी, जिसने कभी विश्वास किया था कि इंटरनेट ज़िंदगियाँ बदल सकता है। लेकिन एक धोखाधड़ी ने उसकी मेहनत की कमाई छीन ली और डिजिटल दुनिया पर उसका भरोसा तोड़ दिया। इसी हादसे ने उसे स्क्रीन से दूर कर दिया और उसने ठान लिया कि अब वह कुछ असली तलाश करेगा।
इसके बिल्कुल उलट है आध्या एक करिश्माई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, जिसकी जिंदगी रील्स, रीच और रिलवेंस पर टिकी है। उसके लिए दिखना ही ताकत है और ऑनलाइन दुनिया ही उसका घर। जब किस्मत दोनों को आमने-सामने लाती है, तो चिंगारियाँ उठती हैं और मोहब्बत परवान चढ़ती है। लेकिन शिवाय को इस सच्चाई का अंदाज़ा नहीं है कि आध्या दरअसल बलदेव सिंह की बेटी है आगरा का सबसे ताकतवर बिल्डर, जिसकी पकड़ शहर पर हावी है और जिसकी परछाई शिवाय की जिंदगी पर भी गहरी है।
ताजमहल की सदाबहार विरासत की पृष्ठभूमि में यह रोमांस खुलता है जहां शान-ओ-शौकत, महत्वाकांक्षा और हाई-स्टेक्स ड्रामा साथ चलते हैं। जैसे-जैसे जुनून गहराता है और राज़ सामने आते हैं, ‘दो दुनिया एक दिल’ एक दिलचस्प कहानी बुनता है प्यार और टकराव की, जहाँ ऑनलाइन दुनिया की बनाई हुई पहचान और ऑफलाइन दुनिया की सच्चाई के बीच की नाज़ुक रेखा पर रिश्ते चलते हैं।
कलर्स ने भारतीय साइबरक्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर के साथ साझेदारी की है और अपने नए शो ‘दो दुनिया एक दिल’ के जरिए पहली बार एक अनोखा साइबरक्राइम जागरूकता अभियान शुरू किया है। ऑन-स्क्रीन अलर्ट्स दर्शकों को साइबर फ्रॉड की शिकायत दर्ज करने के लिए 1930 पर कॉल करने प्रेरित करेंगे। ग्राउंड और डिजिटल एक्टिवेशन्स उन भावनात्मक ट्रिगर्स को दोबारा रचते हैं जिनका इस्तेमाल ठग लोग करते है-जैसे जल्दबाजी, जिज्ञासा और भरोसा,ताकि दर्शक असली ख़तरों को तुरंत पहचान सकें। एक सीरीज़ ऑफ़ अवेयरनेस फ़िल्म्स भारत में सबसे आम ठगी के तरीकों को सामने लाती है।

