एसबीआई सीएमसी एवं सेवा संगठन पदाधिकारियों सदस्यों के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठक, जनजातीय कल्याण एवं पर्यावरण संरक्षण पर हुआ सार्थक मंथन

एवीएस न्यूज.भोपाल

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य ने अपने भोपाल प्रवास के दौरान भारतीय स्टेट बैंक भोपाल मंडल का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री   के आह्वान पर संचालित राष्ट्रव्यापी अभियान "एक पेड़ माँ के नाम" के अंतर्गत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति संवर्धन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि  पौधरोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी का प्रतीक है।

इस गरिमामयी अवसर पर भारतीय स्टेट बैंक, भोपाल मंडल के मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम)   प्रभाष कुमार सुबुद्धि, महाप्रबंधक (नेटवर्क-1)   भरत कुमार मिश्रा, सेवा संगठन के पदाधिकारी, भारतीय स्टेट बैंक के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

पौधारोपण कार्यक्रम के उपरांत सेवा संगठन के पदाधिकारियों एवं भारतीय स्टेट बैंक के सीएमसी सदस्यों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनजातीय समाज के समग्र विकास, सामाजिक उत्तरदायित्व, पर्यावरण संरक्षण, वित्तीय समावेशन, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा समाज एवं बैंक के मध्य समन्वय को और अधिक सशक्त बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई।

बैठक के दौरान   अंतर सिंह आर्य ने सेवा भावना, सामाजिक सहभागिता एवं पर्यावरण संरक्षण को राष्ट्र निर्माण का आधार बताते हुए कहा कि सार्वजनिक संस्थानों की भूमिका केवल बैंकिंग सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना भी उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने एसबीआई परिवार एवं सेवा संगठन द्वारा समाजहित, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें अनुकरणीय एवं प्रेरणादायी बताया।

मुख्य महाप्रबंधक   प्रभाष कुमार सुबुद्धि ने कहा कि भारतीय स्टेट बैंक वित्तीय सेवाओं के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों, पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के प्रति भी पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा बैंक निरंतर समाजहित से जुड़े अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं सेवा संगठन के पदाधिकारियों ने अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने, पौधों के संरक्षण को जनआंदोलन बनाने तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा, संवेदनशीलता एवं विकास की भावना पहुँचाने का सामूहिक संकल्प लिया। यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं जनजातीय उत्थान के प्रति भारतीय स्टेट बैंक की प्रतिबद्धता का सशक्त एवं प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया।