बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में मृत मिले नर बाघ का पोस्टमॉर्टम, कार्डियो-रेस्पिरेटरी फेल्योर से मौत की आशंका
एवीएस न्यूज.उमरिया/ भोपाल
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खेरवा टोला में 24 मई 2026 को मृत पाए गए नर बाघ का पोस्टमॉर्टम 25 मई को तीन वन्यजीव चिकित्सकों के पैनल एवं दो आमंत्रित विशेषज्ञों की उपस्थिति में किया गया। पोस्टमॉर्टम के दौरान बाघ के सभी अंगों का गहन परीक्षण किया गया तथा आवश्यक नमूने जांच के लिए संग्रहित कर मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में भेजे गए हैं।
वन विभाग के अनुसार इन नमूनों की जांच बीमारी, आंतरिक रोग, तनाव या विषाक्तता जैसी संभावनाओं के आधार पर की जा रही है, ताकि मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सके।
पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया के दौरान डायरेक्टर, स्टेट वाइल्ड लाइफ फॉरेंसिक हेडक्वार्टर (एसडब्ल्यूएफएच) जबलपुर, क्षेत्र संचालक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व तथा एनटीसीए के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। पूरी प्रक्रिया की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई गई। इसके बाद 25 मई को जबलपुर में वन विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में बाघ का अंतिम संस्कार किया गया।
विशेषज्ञों द्वारा किए गए परीक्षण में पाया गया कि मृत नर बाघ की स्थिति अत्यंत खराब थी। उसकी मांसपेशियां पीली और सूखी थीं, पाचन तंत्र खाली पाया गया तथा त्वचा खुरदरी और बेजान थी। इसके अलावा शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में कंजेस्टिव एवं हेमरेजिक परिवर्तन भी दर्ज किए गए, जो कमजोर रक्त संचार की ओर संकेत करते हैं।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि ट्रैंक्विलाइजर डार्ट दाहिने कंधे पर पाया गया, जिसमें रक्तस्राव के संकेत नहीं मिले। इससे यह संभावना व्यक्त की गई है कि डार्ट बाघ की मृत्यु के बाद लगाया गया हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार प्रारंभिक निष्कर्ष में बाघ की मृत्यु कार्डियो-रेस्पिरेटरी फेल्योर के कारण होने की आशंका जताई गई है, जबकि वास्तविक कारणों की पुष्टि प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।






