किसानों को बड़ी राहत: अब प्लास्टिक के केन में मिलने लगा डीजल , केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को दिए निर्देश
एवीएस न्यूज.भोपाल
खेती-किसानी के कार्यों के लिए डीजल की समस्या से जूझ रहे किसानों को बड़ी राहत मिली है। केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद अब किसानों को पेट्रोल पंपों से प्लास्टिक के केन में डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इस संबंध में मध्यप्रदेश सहित सभी राज्यों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
किसानों को अधिकतम 50 लीटर तक डीजल प्लास्टिक के केन में देने का प्रावधान किया गया है, जिससे खेतों में चलने वाले कृषि उपकरणों के लिए ईंधन की उपलब्धता आसान हो सकेगी।
मध्यप्रदेश पेट्रोल पंप ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि किसानों को हो रही परेशानियों को लेकर हाल ही में पंप संचालकों का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिला था। प्रतिनिधिमंडल में अजय सिंह के साथ नकुल शर्मा और राजीव कपूर सहित अन्य पदाधिकारी भी शामिल थे।
किसानों की परेशानी रखी मंत्री के सामने
प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय कृषि मंत्री को बताया कि ट्रैक्टर, पंपसेट, हार्वेस्टर और अन्य कृषि उपकरणों के संचालन के लिए किसानों को नियमित रूप से डीजल की आवश्यकता होती है। कई बार कृषि उपकरण सीधे पेट्रोल पंप तक नहीं पहुंच पाते, ऐसे में किसान प्लास्टिक के केन में डीजल ले जाने को मजबूर होते हैं, लेकिन पूर्व में लागू दिशा-निर्देशों के कारण सामान्य प्लास्टिक केन में डीजल देने पर रोक होने से किसानों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
शिवराज सिंह चौहान के हस्तक्षेप से निकला समाधान
किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तत्काल केंद्र सरकार और संबंधित मंत्रालय से चर्चा की। इसके बाद किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्लास्टिक के केन में डीजल उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए गए। परिणामस्वरूप अब पेट्रोल पंपों पर किसानों को निर्धारित सीमा तक प्लास्टिक के केन में डीजल मिलने लगा है।
महंगे कंटेनरों ने बढ़ाई थी मुश्किल
अजय सिंह ने बताया कि पहले केवल पेसो प्रमाणित कंटेनरों में ही डीजल देने की अनुमति थी। ये कंटेनर बाजार में आसानी से उपलब्ध नहीं होते और सामान्य प्लास्टिक के केन की तुलना में कई गुना महंगे होते हैं। एक कंटेनर की कीमत करीब 5 हजार रुपए तक पहुंच जाती थी, जिसे खरीदना अधिकांश किसानों के लिए संभव नहीं था। यही कारण था कि किसान डीजल की उपलब्धता को लेकर लगातार परेशान हो रहे थे।
खेती के कामों को मिलेगी गति
पेट्रोल पंप संचालकों ने केंद्र सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और खेती-किसानी के कार्य प्रभावित नहीं होंगे। किसानों ने भी इस फैसले को किसान हितैषी बताते हुए कहा कि अब खेतों तक डीजल पहुंचाना आसान होगा और कृषि कार्य समय पर पूरे किए जा सकेंगे। यह निर्णय विशेष रूप से उन किसानों के लिए राहत लेकर आया है, जिनके खेत दूरदराज क्षेत्रों में स्थित हैं और जहां कृषि उपकरणों को सीधे पेट्रोल पंप तक ले जाना संभव नहीं होता। अब प्लास्टिक के केन में डीजल की उपलब्धता से खेती के कार्यों में आने वाली बड़ी बाधा दूर हो गई है।






