एवीएस न्यूज. नई दिल्ली 


अमेजन भारत ने घोषणा की है कि वह भारत में अब ‘वॉटर पॉजिटिव’ बन गया है। इसका अर्थ है कि कंपनी अपने कॉर्पोरेट ऑफिसों, डेटा सेंटरों और फुलफिलमेंट सेंटरों में जितना पानी उपयोग करती है, उससे अधिक पानी समाज और पर्यावरण को वापस लौटा रही है।

कंपनी ने बताया कि उसने वर्ष 2027 तक वॉटर पॉजिटिव बनने का लक्ष्य रखा था, जिसे उसने समय से पहले ही हासिल कर लिया। यह उपलब्धि अमेजॉन के ग्लोबल वॉटर स्टुअर्डशिप कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है।


-भारत जैसे जल-संकट वाले देश में बड़ा कदम
अमेजॉन ने कहा कि भारत, जहाँ दुनिया की लगभग 18 फीसदी आबादी रहती है लेकिन मीठे पानी के संसाधन केवल 4त्न हैं, वहाँ पानी की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती है। इसी को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने तीन प्रमुख रणनीतियों पर काम किया। पानी की खपत में कमी, वेस्टवॉटर रीसाइक्लिंग और रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, तथा जल-संकट वाले क्षेत्रों में पुनर्भरण परियोजनाएँ।
120 फीसदी  जल पुनर्भरण का दावा
कंपनी के अनुसार वर्ष 2025 में उसने अपने उपयोग किए गए पानी का लगभग 120 फीसदी समाज को लौटाया। इस प्रगति पर नियमित आंतरिक और थर्ड-पार्टी ऑडिट भी किए जाते हैं। अमेजऩ वेब सर्विसेज के डेटा सेंटर ऑपरेशंस भी इस रणनीति का हिस्सा हैं, जहाँ जल उपयोग को कम करने और दक्षता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। अमेजॉन ने बताया कि उसके डेटा सेंटरों में कूलिंग के लिए पानी का उपयोग नहीं होता और संचालन में लो-फ्लो फिक्सचर्स व स्मार्ट वॉटर मीटर जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है।

अमेजॉन ने महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, दिल्ली-एनसीआर, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में जल संरक्षण परियोजनाओं के लिए 62 करोड़ रुपए से अधिक निवेश की योजना भी साझा की है। इन परियोजनाओं में वॉटरशेड डेवलपमेंट, झीलों का पुनर्जीवन, ग्राउंडवॉटर रिचार्ज और जल गुणवत्ता सुधार शामिल हैं।