~ सरगुन मेहता और रवि दुबे (ड्रीमियाता एंटरटेनमेंट) द्वारा निर्मित, ‘तू जुलियट जट्ट दी’ पंजाब के दिल में रची-बसी एक कहानी है, जो 17 नवंबर से शाम 7 बजे से कलर्स और जियोहॉटस्टार पर प्रसारित होगी! ~
 एवीएस न्यूज. मुंबई 
 आमतौर पर कॉलेज वो जगह होती है जहाँ दोस्ती, क्रश, कैंटीन की मस्ती और देर रात के इज़हार से प्रेम कहानियाँ शुरू होती हैं। लेकिन कलर्स का नया शो ‘तू जुलियट जट्ट दी’ इस कहानी को पूरी तरह उलट देता है — यहाँ पहले शादी होती है... फिर कॉलेज शुरू होता है... और उसके बाद प्यार होता है! यह नई पीढ़ी की कैंपस रोमांस कहानी है, जहाँ दो बिलकुल अलग लोग सबसे अप्रत्याशित तरीके से टकराते हैं। चंडीगढ़ प्राइम यूनिवर्सिटी की रौनक भरी पृष्ठभूमि में सेट, यह कहानी केमिस्ट्री, कंफ्यूज़न और चार्म से भरी है — जो ‘नेवर’ को ‘फॉरेवर’ में बदल देती है। मिलिए नवाब (सैयद रज़ा) से — एक अमीर, बेफिक्र जट्ट जो अपनी शर्तों पर जीता है — निडर, स्पॉन्टेनियस और कमिटमेंट से कोसों दूर। हीर (जसमीत कौर) उससे बिल्कुल उलट है — महत्वाकांक्षी, अनुशासित, व्यावहारिक और अपनी माँ के लिए बेहतर भविष्य बनाने को दृढ़ संकल्पित। उसके लिए प्यार कोई प्राथमिकता नहीं है — बल्कि यह उसके प्लान में ही नहीं था। लेकिन हालात कुछ ऐसे बनते हैं कि कॉलेज शुरू होने से पहले ही उनकी शादी हो जाती है! इसके बाद जो सफर शुरू होता है वह भावनाओं, हास्य और अनपेक्षित चिंगारियों से भरा है। क्योंकि कभी-कभी, प्यार भावना से नहीं बल्कि किस्मत से शुरू होता है।


जियोहॉटस्टार के बिजनेस हेड, समीऱ गोगटे कहते हैं, “कलर्स में हम हमेशा ऐसी कहानियाँ लाते हैं जो बोल्ड, रॉ, दिल से जुड़ी और ज़िंदादिल होती हैं — ऐसी कहानियाँ जो हर पीढ़ी के दर्शकों के दिल को छू जाएं। ‘तू जुलियट जट्ट दी’ इसी भावना का सटीक उदाहरण है। यह आज की युवा पीढ़ी की नब्ज़ को पकड़ते हुए पंजाब की रंगीन संस्कृति में जड़ें जमाए रखती है। यह सिर्फ एक कैंपस रोमांस नहीं है, बल्कि यह हौसले, पहचान, महत्वाकांक्षा और युवा प्रेम का उत्सव है — जो दिखाता है कि आज की पीढ़ी कैसे अपने सपनों, जिम्मेदारियों और रिश्तों के बीच संतुलन बनाती है।”
ड्रीमियाता एंटरटेनमेंट की प्रोड्यूसर सरगुन मेहता कहती हैं, “कॉलेज वो जगह है जहाँ पहचान बनती है — जहाँ आप सीखते हैं कि आप कौन हैं, क्या नहीं बनना चाहते और किसके लिए लड़ना चाहते हैं। ‘तू जुलियट जट्ट दी’ के ज़रिए हमने एक ऐसे प्यार को दिखाने की कोशिश की है जो असामान्य, असुविधाजनक और बदल देने वाला है। हीर और नवाब एक-दूसरे को पूरा नहीं करते, बल्कि एक-दूसरे को चुनौती देते हैं। यह रोमांस चंडीगढ़ में परवान चढ़ता है — एक ऐसा शहर जिसने मुझे मेरी अपनी यात्रा में बहुत सारा प्यार दिया है। यह प्यार की एक हल्की-फुल्की, मज़ेदार कहानी है जहाँ दुश्मन क्लासमेट बनते हैं, क्लासमेट अनपेक्षित साथी, और हर इम्तिहान एक ऐसा सबक सिखाता है जो किसी किताब में नहीं मिलता।


नवाब की भूमिका निभा रहे सैयद रज़ा कहते हैं, “आमतौर पर कॉलेज में प्यार की कहानी शुरू होती है — क्रश, कैंटीन की बातें और देर रात के इज़हार से। लेकिन ‘तू जुलियट जट्ट दी’ इस कहानी को पूरी तरह पलट देता है, और यही इसे अनोखा और अप्रत्याशित बनाता है। नवाब एक ऐसा लड़का है जो अपने ही नियमों से जीता है। उसके लिए कॉलेज मस्ती, आज़ादी और शोहरत का दूसरा नाम था — जब तक कि हीर जैसी पढ़ाकू लड़की उसकी ज़िंदगी में भूचाल नहीं ले आती। यह प्यार उलटी दिशा में चलता है — अप्रत्याशित, सच्चा और बेहद ताज़गीभरा।


हीर का किरदार निभा रहीं जसमीत कौर कहती हैं, “यह शो जिम्मेदारी और भावना, तर्क और दिल के बीच की खींचतान को खूबसूरती से दिखाता है। ज़िंदगी हमेशा आपकी अनुमति नहीं मांगती — और कभी-कभी उसी उथल-पुथल में कुछ असली मिल जाता है। ‘तू जुलियट जट्ट दी’ यह दिखाने की कोशिश नहीं करता कि प्यार आसान है या परफेक्ट — और यही इसकी सच्चाई है। हीर एक ऐसी लड़की है जो अपने प्लान और प्रायोरिटीज़ के हिसाब से जीती है; प्यार उसके टाइमटेबल में कभी नहीं था। लेकिन जब वह अचानक नवाब जैसे इंसान — जो आवेगी, अनपेक्षित और उससे बिल्कुल अलग है — की पत्नी बन जाती है, तो उसकी दुनिया उलट-पलट हो जाती है। मुझे उसके किरदार की सबसे प्यारी बात यह लगती है कि वह अपने स्टैंड पर अडिग रहती है — तेज, महत्वाकांक्षी और सच्चाई बोलने से निडर, चाहे वह सच्चाई उसके अपने पति के खिलाफ ही क्यों न हो।”
गुलाब का किरदार निभा रहीं संगीता घोष कहती हैं, “मैं गुलाब का रोल निभा रही हूँ — एक ऐसी माँ जिसका प्यार किसी सीमा या ब्रेक को नहीं जानता। वह हर कमरे की केंद्र बिंदु बन जाती है और चाहती है कि हर कोई, यहाँ तक कि उसका बेटा भी, उसी की कक्षा में घूमे। अपने बेटे को हर डांट, असफलता और सख्त सच्चाई से बचाते-बचाते उसका प्यार अब नियंत्रण में बदल गया है। यह किरदार इसलिए रोचक है क्योंकि वह मानती है कि हर चालाकी प्यार से प्रेरित है। जैसे-जैसे नवाब कॉलेज की दुनिया में कदम रखता है, गुलाब का डर और बढ़ता जाता है। यह कहानी आज की पीढ़ी के लिए बहुत रिलेटेबल है — आज़ादी और पारिवारिक उम्मीदों के बीच की खींचतान। गुलाब शायद गलतियाँ करती है, लेकिन उसका दिल सिर्फ अपने बेटे के लिए धड़कता है, और मैं चाहती हूँ कि दर्शक उसकी हर हरकत के पीछे की भावना को महसूस करें।”