कोटक महिंद्रा बैंक ने बताया: 'स्मार्ट अर्नर्स' के बीच बढ़ा 'पर्पस-लेड' (खास मकसद के लिए) कर्ज लेने का रुझान
एवीएस न्यूज.मुंबई
कोटक महिंद्रा बैंक ने शहरी भारत में पर्सनल लोन के रुझानों में एक बड़ा बदलाव देखा है। अब आर्थिक रूप से अनुशासित और अच्छी आय वाले (वेतनभोगी) ग्राहक मजबूरी या संकट के बजाय एक रणनीतिक फैसले के तहत लोन को चुन रहे हैं।
पर्सनल लोन अब अपनी पुरानी 'सिर्फ इमरजेंसी' वाली छवि से बाहर निकल रहे हैं। कोविड के बाद, कई ग्राहकों ने निवेश की अपनी परिभाषा को बड़ा किया है। वे अब वित्तीय बढ़त के साथ-साथ अच्छी सेहत, वेलनेस, नए अनुभवों और जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों को भी निवेश जितना ही ज़रूरी मान रहे हैं। अपने लंबी अवधि के निवेश को बीच में भुनाने और 'कम्पाउन्डिंग' (ब्याज पर ब्याज) के फायदे को रोकने के बजाय, ग्राहक अब वेलनेस, पढ़ाई, यात्रा, घर को अपग्रेड करने और पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए तय ईएमआई का रास्ता चुन रहे हैं।
लोन लेने के तरीके उनकी व्यावहारिक ज़रूरतों को भी दिखाते हैं, जैसे कि पुराने छोटे-मोटे कर्जों को एक साथ समेटना, वाहन खरीदने के लिए पैसों की कमी को पूरा करना और अनुशासित तरीके से किश्तें चुकाकर अपना 'क्रेडिट प्रोफाइल' मज़बूत करना। कई लोगों के लिए पर्सनल लोन एक 'बैलेंस्ड अप्रोच' बन रहा है—इससे वे अपनी आज की ज़रूरतें भी पूरी कर लेते हैं और साथ ही अपनी एसआईपी, शेयर पोर्टफोलियो और रिटायरमेंट प्लान को भी बिना रोके जारी रख पाते हैं। ग्राहकों का भरोसा बढ़ने की मुख्य वजह पारदर्शिता, जल्दी लोन मिलना, आसान ईएमआई स्ट्रक्चर और बिना किसी रुकावट वाली डिजिटल प्रक्रिया है।
अमित पाठक, बिजनेस हेड – पर्सनल लोन, कोटक महिंद्रा बैंक ने कहा, “हम विश्वास से भरा एक बदलाव देख रहे हैं: मज़बूत आय और अनुशासित निवेश की आदत वाले ग्राहक अब अपने पोर्टफोलियो को बेचे बिना अपने ज़रूरी लक्ष्यों को पूरा करने के लिए पर्सनल लोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे मजबूरी में उधार नहीं ले रहे, बल्कि इसलिए ले रहे हैं ताकि उनकी मेहनत से की गई बचत और निवेश में कोई रुकावट न आए। पर्सनल लोन उन्हें अपनी भविष्य की वित्तीय योजनाओं से समझौता किए बिना आज की ज़िंदगी को पूरी तरह जीने का मौका देता है।

