एवीएस न्यूज .नई दिल्ली 
लाइफ इंश्योरेंस को भविष्य में परिवार की आर्थिक सुरक्षा का भरोसा देने वाला वादा माना जाता है। इस वादे की असली परीक्षा तब होती है, जब पॉलिसीधारक के परिवार को क्लेम की जरूरत पड़ती है। ऐसे में क्लेम सेटलमेंट रेश्यो केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि बीमा कंपनी के अपने वादे को निभाने की क्षमता और ग्राहकों के भरोसे का महत्वपूर्ण संकेतक बन जाता है।


एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड के चीफ अंडरराइटर डॉ. पोरस पेशोटन ने कहा कि लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी में कई तरह के फायदे, किफायती प्रीमियम और आसान डिजिटल प्रक्रियाओं की पेशकश की जा सकती है, लेकिन परिवार के मुखिया की मृत्यु के बाद परिवार के लिए सबसे अहम सवाल यही होता है कि बीमा कंपनी अपने वादे के मुताबिक आर्थिक सहायता देगी या नहीं।


 पांच साल से 99 फीसदी से ऊपर क्लेम पेड रेश्यो
कंपनी के अनुसार, उसका इंडिविजुअल डेथ क्लेम पेड रेश्यो लगातार पांच वर्षों से 99 प्रतिशत से अधिक रहा है। वित्त वर्ष 2021-22 में यह 99.34 प्रतिशत था, जो बढक़र वित्त वर्ष 2025-26 में 99.8 प्रतिशत हो गया। कंपनी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में उसने 20,519 इंडिविजुअल डेथ क्लेम का निपटारा किया, जिनकी कुल राशि करीब 1,641 करोड़ रुपये रही। कंपनी का कहना है कि इन आंकड़ों के पीछे उसकी क्लेम को समय पर और उचित तरीके से निपटाने की प्रतिबद्धता अहम है।
 

बढ़ रहा है देश का बीमा बाजार
भारत में लाइफ इंश्योरेंस बाजार भी लगातार विस्तार कर रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 में जीवन बीमा उद्योग ने 8.86 लाख करोड़ रुपये का प्रीमियम एकत्र किया, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 6.73 प्रतिशत अधिक है। हालांकि, इसी अवधि में लाइफ इंश्योरेंस की पहुंच जीडीपी के करीब 2.7 प्रतिशत तक रही। कंपनी के मुताबिक, प्रीमियम कलेक्शन बढऩा इस बात की गारंटी नहीं है कि बीमा कवरेज लेने वाले लोगों की संख्या उसी अनुपात में बढ़ रही है। ऐसे में ग्राहकों के लिए पॉलिसी के फायदे और प्रीमियम के साथ-साथ बीमा कंपनी की विश्वसनीयता, क्लेम भुगतान का रिकॉर्ड और सेवा व्यवस्था को समझना भी जरूरी है।

डॉ. पेशोटन के अनुसार, बीमा का वास्तविक मूल्य उस समय सामने आता है जब परिवार को इसकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है। इसलिए क्लेम सेटलमेंट का रिकॉर्ड ग्राहक के लिए कंपनी की भरोसेमंद कार्यप्रणाली को परखने का एक महत्वपूर्ण आधार बन सकता है।