11 जनवरी रविवार को डॉ. युगल किशोर मिश्रा ए. के. मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल भोपाल में परामर्श देगे
एवीएस न्यूज.भोपाल
प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ और सर्जन डॉ. युगल किशोर मिश्रा, चेयरमैन मणिपाल इंस्टिट्यूट ऑफ कार्डियक साइंसेज, एचसीएमसीटी मणिपाल हॉस्पिटल हर महीने के दूसरे रविवार यानि 11 जनवरी को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक भोपाल के मालवीय नगर स्थित एके मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में हृदय रोगियों को परामर्श देते हैं। डॉ. युगल के अनुसार कोरोनरी आर्टरी डिजीज अक्सर शरीर को चुपचाप कमजोर करती है, जिससे थकान, सांस फूलना और हल्का सीने का दर्द हो सकता है, जिसे लोग अनदेखा कर देते हैं।
डॉ. युगल किशोर मिश्रा, चेयरमैन – मणिपाल इंस्टिट्यूट ऑफ कार्डियक साइंसेज़, HCMCT मणिपाल हॉस्पिटल के अनुसार,“कोरोनरी आर्टरी डिज़ीज़ अक्सर शरीर को चुपचाप कमज़ोर करती है, जिससे थकान, सांस फूलना और हल्का सीने का दर्द हो सकता है, जिसे लोग अनदेखा कर देते हैं। एक साधारण हार्ट चेक-अप मामूली लग सकता है, लेकिन यह किसी की ज़िंदगी में कई साल जोड़ सकता है। जल्दी पहचान होने पर CAD को दवाओं या ज़रूरत पड़ने पर बाईपास सर्जरी (CABG) से प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है। शुरुआती स्तर पर ब्लॉकेज के आसपास खून का बहाव ठीक करके जानलेवा स्थिति से बचा जा सकता है।”
नियमित चेक-अप CAD को जल्दी पहचानने में कैसे मदद करते हैं? CAD को शुरुआती स्तर पर पहचानने के लिए ये हार्ट जांचें कराना ज़रूरी है: ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल टेस्ट: हाई ब्लड प्रेशर और बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल CAD के बड़े कारण होते हैं। इन्हें समय रहते पहचानकर नियंत्रित किया जा सकता है, इससे धमनियों में रुकावट बनने से पहले बचाव संभव होता है। ब्लड शुगर टेस्ट: डायबिटीज़ या प्री-डायबिटीज़ की जल्दी पहचान दिल पर पड़ने वाले दबाव को कम करती है और CAD के खतरे को घटाती है। इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ECG): यह एक आसान जांच है, जिससे दिल की धड़कन में गड़बड़ी या खून के बहाव में कमी के संकेत मिल सकते हैं।
स्ट्रेस टेस्ट और इमेजिंग जांचें: ट्रेडमिल स्ट्रेस टेस्ट, इकोकार्डियोग्राम या CT स्कैन जैसी जांचें दिल की धमनियों में छिपी रुकावटों को सामने ला सकती हैं। कार्डियक CT स्कैन: यह एक विस्तृत स्कैन है, जो दिल की धमनियों को साफ़ दिखाती है। इससे ब्लॉकेज या प्लाक को शुरुआती चरण में ही पहचाना जा सकता है।

