इस कदम से सकारात्मक बाजार धारणा को और मजबूती मिलेगी, कर्ज लागत कम होगी, ऋण वृद्धि को समर्थन मिलेगा और रियल एस्टेट सहित सभी क्षेत्रों में मांग को बढ़ावा मिलेगा

आत्माराम सोनी.भोपाल
 रियल एस्टेट से जुड़े डेवलपर्स और जमीन, मकान के विकास से जुडे़ बिल्डर्स ने आरबीआई के नीतिगत दर में 0.25 कटौती करने का  स्वागत करते हुए कहाकि रेपो दर में कटौती को अर्थव्यवस्था और रियल एस्टेट क्षेत्र को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया(क्रेडाई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शेखर पटेल ने कहाकि इस कदम से सकारात्मक बाजार धारणा को और मजबूती मिलेगी, कर्ज लागत कम होगी, ऋण वृद्धि को समर्थन मिलेगा और रियल एस्टेट सहित सभी क्षेत्रों में मांग को बढ़ावा मिलेगा।  उन्होंने कहाकि रियल एस्टेट के लिए, इससे मांग में तेजी आने और सभी क्षेत्रों में निवेश की धारणा मजबूत होने की उम्मीद है। 

 


कटौती को और अधिक आक्रामक तरीके से लागू  के लिए प्रेरित होने की आवश्यकता: मनोज मीक  
डेवलपर्स की शीर्ष संस्था क्रेडाई भोपाल के अध्यक्ष मनोज मीक ने कहाकि इस कटौती से नकदी में सुधार होगा और कई क्षेत्रों में नए निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। रियल एस्टेट के लिए कम ब्याज दरें गृह ऋण को अधिक किफायती बनाती हैं जिससे मकान खरीदारों को समर्थन मिलता है और मांग बढ़ती है। रेपो दर में कटौती का सकारात्मक प्रभाव संबद्ध उद्योगों पर भी पड़ेगा, जिससे अधिक रोजगार सृजन में मदद मिलेगी। चूंकि नकदी अब केंद्रीय बैंक के लिए मुख्य चिंता का विषय नहीं रही, इसलिए क्रेडाई को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2025-26 का समापन मजबूत रहेगा और सभी क्षेत्रों में आवासीय मांग में निरंतर गति बनी रहेगी। कम मुद्रास्फीति के माहौल और उम्मीद से बेहतर जीडीपी वृद्धि के बीच आरबीआई के रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती का फैसला, अर्थव्यवस्था में खपत बढ़ाने पर इसके ध्यान को दर्शाता है। इससे बैंक पिछली दरों में कटौती को और अधिक आक्रामक तरीके से लागू करने और वृद्धि को बढ़ावा देने वाले रुख अपनाने के लिए प्रेरित हो सकते हैं। 


- मध्यम आय वाले खरीदार की धारणा में और सुधार होगा:  विकास शर्मा 
  आराध्य भूमिका कंस्ट्रक्शंस के सीएमडी विकास शर्मा ने कहाकि रियल एस्टेट क्षेत्र, खासकर आवासीय क्षेत्र के लिए यह ब्याज दरों में कटौती त्योहारी मांग और प्रमुख निर्माण सामग्रियों पर जीएसटी के युक्तिसंगत बनाने से बनी गति पर आधारित है। कम उधारी लागत से खासकर किफायती एवं मध्यम आय वाले आवास क्षेत्रों में खरीदार की धारणा में और सुधार होगा...। यह कदम निश्चित रूप से समग्र आर्थिक वृद्धि की मौजूदा गति को समर्थन देगा, जिससे मांग एवं निवेश गतिविधि को बल मिलेगी।  उन्होंने कहाकि अब इस दर कटौती से बाजार की धारणा को और मजबूत करने, क्रय शक्ति बढ़ाने एवं प्रमुख क्षेत्रों में आवास मांग में निरंतर वृद्धि को समर्थन मिलने की उम्मीद है।  


 
लक्जरी हाउसिंग खंड में अंतिम उपभोक्ता की ओर से मजबूत मांग : विपिन गोयल
क्रेडाई भोपाल के पूर्व अध्यक्ष विपिन गोयल ने कहाकि रेपो दर में कटौती भारत में वर्तमान निम्न मुद्रास्फीति के माहौल एवं स्थिर वृद्धि दृष्टिकोण के अनुरूप है। पिछले कुछ तिमाहियों में लक्जरी हाउसिंग खंड में अंतिम उपभोक्ता की ओर से मजबूत मांग देखी गई है...। कम ब्याज दरें उन ग्राहकों की घर खरीदने की क्षमता को और बढ़ाएंगी जो बेहतर तैयारी, एकीकृत सुविधाओं एवं दीर्घकालिक संपत्ति मूल्य प्रदान करने वाले उच्च-गुणवत्ता वाले मकानों में निवेश करना चाहते हैं।  रेपो दर में कटौती आवासीय बाजार के लिए बिल्कुल सही समय पर आई है। साल के अंत में खरीदारों का रुझान वैसे ही बढ़ जाता है और अब आवास ऋण और भी सस्ते हो जाएंगे। 2026 की ओर बढ़ते हुए यह कम ब्याज दर से आवासीय बाजारों में ज्यादा स्थिरता आने की संभावना है।


 
सही समय पर मिली बड़ी राहत है वित्तीय स्थिति के आसान होने का साफ संकेत : पाली 
भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह  पाली ने कहाकि आरबीआई के रेपो दर में कटौती अर्थव्यवस्था के लिए सही समय पर मिली बड़ी राहत है और यह वित्तीय स्थिति के आसान होने का साफ संकेत है। इससे कर्ज लेने वालों की ईएमआई कम होगी और उनके पास नकदी की स्थिति बेहतर होगी।  उन्होंने कहाकि घर खरीदारों के लिए यह कदम घर खरीदना और ज्यादा किफायती बनाएगा और उनकी खरीद क्षमता बढ़ाएगा। इससे कुल मिलाकर आवासीय मांग में एक बार फिर तेजी आने की उम्मीद है।