मानपुर का भूमाफिया : राजनारायण भट्ट उर्फ “पुच्चू” ने बेच दी दस्तावेजों में हेराफेरी कर शासन की फर्जी तरीके से जमीन
पुच्चू की दबंगई के आगे शासन- प्रशासन बेबश, , कईयों के साथ कर चुका है धोखाधड़ी और कई अपराधिक प्रकरण दर्ज
एवीएस न्यूज. मानपुर/ भोपाल
उमरिया जिले के मानपुर क्षेत्र में कथित भूमाफिया राजनारायण भट्ट उर्फ “पुच्चू” की दबंगई के आगे शासन- प्रशासन बेबश है। सरकारी जमीन की फर्जी तरीके से खरीद-फरोख्त और कईयों के साथ धोखाधड़ी करने वाले पुच्चू के खिलाफ न सिर्फ कईयों गंभीर आरोप लगाए , बल्कि इसके खिलाफ कई अपराधिक और धोखाधड़ी के मामले भी दर्ज है।
फर्जी दस्तावेजों और स्थानीय स्तर पर प्रशासन से मिलीभगत कर सरकारी भूमि बेचने के मामले क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। स्थानीय लोग स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

प्रकाश में आए मामले में आरोप है कि पुच्चु उर्फ राजनाराण ने हाल ही में रकबा नंबर 875/15 में फर्जी तरीके से हेराफेरी की। सरकारी भूमि को फर्जी दस्तावेजों और कथित मिलीभगत के जरिए रजिस्ट्री कर बेच दिया गया।
इस प्रकरण में अशोक भट्ट द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें कई लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनमें कथित खरीदारों के रूप में राजेश कुमार गुप्ता, कुंती नामदेव और मेजर लाल साकेत सहित अन्य का उल्लेख किया गया है।
शिकायत मुख्यमंत्री जनसुनवाई तक पहुंची
पीड़ित पक्ष का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से की है और उमरिया कलेक्टर कार्यालय तक आवेदन भेजा गया है। हालांकि, अब तक किसी ठोस कार्रवाई न होने से शिकायतकर्ता ने असंतोष व्यक्त किया है।

गंभीर आरोप और जांच की मांग
आरोप है कि भूमाफिया द्वारा राजस्व और रजिस्ट्री विभाग के कुछ कर्मियों की मिलीभगत से सरकारी जमीनों की हेराफेरी की गई।
शिकायतकर्ता ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, स्थानीय विधायक मीना सिंह, कमिश्नर शहडोल और कलेक्टर उमरिया से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
गंभीर आरोपों के बावजूद अब तक कार्रवाई क्यों नहीं
स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि क्षेत्र में कई अन्य सरकारी जमीनों के मामलों में भी इसी तरह की अनियमितताएं हुई हैं, जिनकी जांच होने पर और तथ्य सामने आ सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं कि गंभीर आरोपों के बावजूद अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। वहीं, आम लोगों में भी इस प्रकरण को लेकर चर्चा तेज है।
प्रशासनिक कार्रवाई की मांग
मामले को लेकर स्थानीय लोगों और शिकायतकर्ता ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। मांग की जा रही है कि
इस प्रकरण के साथ इसके खिलाफ दर्ज कई प्रकरणों की भी निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान की जाए और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।






