ऋषिका का फोकस विशेष रूप से महिलाओं के सशक्तिकरण पर  

देश में रहकर समाज के लिए कुछ करने का संकल्प  :  ऋषिका


 एवीएस न्यूज.भोपाल 
सफलता की परिभाषा को नए मायने देने वाली युवा उद्यमी ऋषिका आहूजा ने विदेशों की चकाचौंध भरी जिंदगी और बड़े करियर अवसरों को छोड़कर भारत लौटने का फैसला किया और देश में महिला एवं युवा सशक्तिकरण की मिसाल कायम की है। भोपाल में पली-बढ़ी 32 वर्षीय ऋषिका ने वर्ष 2016 में यूरोप से भारत वापसी की।

उन्होंने वहां मिलने वाले बेहतर अवसरों को छोड़कर अपने देश में रहकर समाज के लिए कुछ करने का संकल्प लिया। उनका उद्देश्य केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि युवाओं और महिलाओं के लिए नए अवसर तैयार करना था।


स्कूली शिक्षा और स्नातक की पढ़ाई भोपाल से पूरी करने के बाद ऋषिका पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए यूरोप गई थीं। भारत लौटने के बाद उन्होंने पारंपरिक ऑफिस जॉब के बजाय सीधे ग्रामीण क्षेत्रों का रुख किया और जुलाई 2017 से किसानों को डिजिटलाइजेशन और आधुनिक तकनीक के प्रति जागरूक करना शुरू किया।

इस पहल ने उन्हें ग्रामीण अर्थव्यवस्था की वास्तविक चुनौतियों को समझने का अवसर दिया। इसके बाद उन्होंने युवाओं और महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से एक कंपनी की नींव रखी, जो आज मैनपावर कंसल्टेंसी, आउटसोर्सिंग, प्राइवेट सिक्योरिटी, एचआर सेवाओं और थर्ड पार्टी क्वालिटी असेसमेंट जैसे क्षेत्रों में कार्यरत है।


करीब 500 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की कंपनी विकसित कर ली
कंपनी के माध्यम से ऋषिका अब तक लगभग 50 हजार लोगों को रोजगार दिला चुकी हैं और उन्होंने अपने प्रयासों से एक बड़े कार्यबल को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है।

कम समय में उन्होंने करीब 500 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की कंपनी विकसित कर ली है, जो विभिन्न राज्यों में सक्रिय है।

ऋषिका का फोकस विशेष रूप से महिलाओं के सशक्तिकरण पर रहा है। उन्होंने कमजोर वर्ग की महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता और आत्मविश्वास प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण काम किया है।


 ऋषिका समाज सेवा और लेखन में भी सक्रिय 
व्यवसायिक सफलता के साथ-साथ ऋषिका समाज सेवा और लेखन में भी सक्रिय हैं।

उनका मानना है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो अपनी जड़ों से जुड़कर न केवल सफल व्यवसाय खड़ा किया जा सकता है, बल्कि हजारों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव भी लाया जा सकता है।
  

न्यूज़ सोर्स : जीवन में सकारात्मक बदलाव