ट्रांसपोर्ट संगठनों ने अमेजन की 1 लाख ई-डिलीवरी वैन योजना पर जताई चिंता, सरकार से संरक्षण नीति की मांग
एवीएस न्यूज..भोपाल
ई-कॉमर्स क्षेत्र की प्रमुख कंपनी अमेजन द्वारा वर्ष 2030 तक भारत में 1 लाख इलेक्ट्रिक डिलीवरी वैन तैनात करने और अपने लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के विस्तार की योजना पर ट्रांसपोर्ट कारोबारियों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि इस तरह का विस्तार छोटे व्यापारियों, स्वतंत्र ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों और स्थानीय सप्लाई चेन के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर सकता है।
ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने कहा कि देश के करोड़ों सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), छोटे दुकानदार और ट्रांसपोर्ट व्यवसायी भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उनका कहना है कि यदि बड़ी वैश्विक कंपनियां अपनी पूंजी, तकनीक और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के दम पर बाजार में तेजी से विस्तार करती हैं, तो पारंपरिक व्यापार व्यवस्था और स्थानीय बाजार प्रभावित हो सकते हैं।
राजेंद्र कपूर ने यह भी कहा कि परिवहन क्षेत्र करोड़ों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराता है। ऐसे में यदि पारंपरिक परिवहन व्यवस्था पर कॉर्पोरेट नियंत्रण बढ़ता है, तो छोटे ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों पर इसका असर पड़ सकता है।
वहीं ट्रांसपोर्टर ठाकुरलाल राजपूत ने कहा कि बड़ी कंपनियों के स्वयं के डिलीवरी नेटवर्क विकसित होने से स्वतंत्र ट्रांसपोर्टरों, ट्रक मालिकों, बुकिंग एजेंटों और स्थानीय लॉजिस्टिक्स ऑपरेटरों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। साथ ही भविष्य में व्यापार, वेयरहाउसिंग और डिलीवरी नेटवर्क का नियंत्रण कुछ बड़ी कंपनियों तक सीमित होने की आशंका भी जताई।
राजेंद्र कपूर ने कहा कि अमेजन की यह योजना केवल डिलीवरी नेटवर्क के विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे भारतीय व्यापार और परिवहन क्षेत्र की संरचना पर भी दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से समय रहते आवश्यक नीतिगत कदम उठाने की अपील की।
सरकार से की पांच प्रमुख मांगें
ट्रांसपोर्ट संगठन ने केंद्र सरकार से मांग की है कि विदेशी ई-कॉमर्स एवं लॉजिस्टिक्स कंपनियों के विस्तार पर नियमित निगरानी रखी जाए, भारतीय ट्रांसपोर्टरों और स्थानीय व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए विशेष नीति बनाई जाए, परिवहन क्षेत्र को तकनीकी उन्नयन एवं इलेक्टि्रक वाहनों के लिए वित्तीय सहायता दी जाए, बाजार में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए तथा भारतीय व्यापारियों और ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को समान अवसर एवं संरक्षण प्रदान किया जाए।






