सीआईआई ग्लोबल ट्रेड सिनेरियो समिट: वैश्विक व्यापार में भारत की बढ़ती भूमिका, मजबूत सप्लाई चेन और आधुनिक पोर्ट पर जोर
एवीएस न्यूज.मुंबई
सीआईआई ग्लोबल ट्रेड सिनेरियो समिट में वैश्विक व्यापार के तेजी से बदलते परिदृश्य और भारत के एक विश्वसनीय एवं मजबूत वैश्विक व्यापारिक साझेदार के रूप में उभरने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। समिट को संबोधित करते हुए वीरएस आडवाणी, चेयरमैन, सीआईआई वेस्टर्न रीजन, चेयरमैन, सीआईआई ग्लोबल ट्रेड सिनेरियो तथा चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक, ब्लू स्टार लिमिटेड ने कहा कि वैश्विक व्यापार भू-राजनीति, बदलती आपूर्ति श्रृंखलाओं, तकनीक और सतत विकास के कारण तेजी से नया स्वरूप ले रहा है।
उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक बदलाव, बदलती वैश्विक सप्लाई चेन, तकनीकी विकास और सस्टेनेबिलिटी के दौर में भारत एक भरोसेमंद वैश्विक व्यापार भागीदार के रूप में तेजी से उभर रहा है। समिट में वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का निर्यात 860 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक पहुंचने का उल्लेख किया गया।
विशेषज्ञों ने कहा कि वैश्विक व्यापार में भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के लिए लचीलापन, नवाचार, बाजारों का विविधीकरण और मजबूत अंतरराष्ट्रीय साझेदारी पर ध्यान देना जरूरी है।
सीआईआई वेस्टर्न रीजन के चेयरमैन, सीआईआई ग्लोबल ट्रेड सीनारियो के चेयरमैन और ब्लू स्टार लिमिटेड के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर वीर एस. अडवाणी ने कहा कि वैश्विक व्यापार की बदलती परिस्थितियां भारत के लिए नए अवसर पैदा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मजबूत और विविध सप्लाई चेन के जरिए भारत वैश्विक व्यापार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के साथ प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को भी मजबूत कर सकता है।
आधुनिक पोर्ट और मैरिटाइम इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी
महाराष्ट्र मैरिटाइम बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रदीप पी., आईएएस ने कहा कि व्यापार की लागत कम करने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को मजबूत बनाने के लिए आधुनिक बंदरगाहों और बेहतर मैरिटाइम इंफ्रास्ट्रक्चर की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि 877 किलोमीटर लंबी तटरेखा, मजबूत औद्योगिक आधार और रणनीतिक कनेक्टिविटी महाराष्ट्र को देश का प्रमुख मैरिटाइम और लॉजिस्टिक्स हब बनने की क्षमता प्रदान करती है।
बेहतर पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से न केवल व्यापार की लागत कम की जा सकती है, बल्कि वैश्विक बाजारों तक भारतीय उत्पादों की पहुंच भी अधिक प्रभावी बनाई जा सकती है।
समिट में विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि बदलते वैश्विक व्यापार परिदृश्य में भारत को अपनी सप्लाई चेन को अधिक मजबूत और विविध बनाने के साथ तकनीक, नवाचार और टिकाऊ विकास को व्यापार रणनीति का अहम हिस्सा बनाना होगा।


