जीई एयरोस्पेस ने पुणे संयंत्र में 100 करोड़ रुपये के निवेश के साथ भारत की मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ को दी तेजी
एवीएस न्यूज. पुणे
जीई एयरोस्पेस ने आज अपने पुणे मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र में 100 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। इससे भारत में कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग मौजूदगी और मजबूत होगी तथा देश के प्रति उसकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता और पुख्ता होगी। यह निवेश नई वेल्डिंग तकनीकों, एडवांस जांच उपकरणों, प्रिसीजन टूल्स, गेजेस, फिक्स्चर्स और अतिरिक्त इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारों का समर्थन करेगा। इनकी मदद से उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, प्रक्रिया की सटीकता बेहतर होगी और दुनिया भर के ग्राहकों तक उच्च गुणवत्ता वाले कंपोनेंट्स की डिलीवरी को समर्थन मिलेगा।
यह नया निवेश पिछले दो वर्षों में घोषित 410 करोड़ रुपये के निवेश की अगली कड़ी है, जिससे पुणे संयंत्र में तीन वर्षों के दौरान जीई एयरोस्पेस का कुल निवेश 510 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। पिछले निवेशों का मुख्य फोकस मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रियाओं को उन्नत करना, ऑटोमेशन बढ़ाना और क्षमताओं का विस्तार करना था, ताकि अगली पीढ़ी के इंजन कंपोनेंट्स का उत्पादन किया जा सके। यह नई अपग्रेड संयंत्र की क्षमताओं का और विस्तार करेगी तथा जीई एयरोस्पेस के GE90, GEnx, GE9X और सीएफएम इंटरनेशनल के LEAP इंजन प्रोग्राम्स के लिए कंपोनेंट उत्पादन को समर्थन देगी।
जीई एयरोस्पेस के पुणे मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र के मैनेजिंग डायरेक्टर विश्वजीत सिंह ने कहा, "यह लगातार किया जा रहा निवेश भारत के प्रति जीई एयरोस्पेस की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता और हमारे वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क में पुणे संयंत्र की भूमिका के प्रति हमारे भरोसे को दर्शाता है। हमारी लगातार बढ़त हमारे ग्राहकों और व्यापक समुदाय, दोनों के लिए फायदेमंद है। इससे जीई एयरोस्पेस और हमारे सप्लायर पार्टनर्स के लिए अप्रेंटिसशिप और रोजगार के अधिक अवसर पैदा होंगे। पिछले एक दशक में यह संयंत्र एक उच्च क्षमता वाले एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित हुआ है, जिसने भारत के सप्लायर इकोसिस्टम को मजबूत किया है और जीई एयरोस्पेस की वैश्विक सप्लाई चेन में योगदान दिया है।"
जीई एयरोस्पेस का पुणे मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र कंपनी की वैश्विक सप्लाई चेन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो वाणिज्यिक विमान इंजनों के लिए जरूरी कंपोनेंट्स का उत्पादन करता है। यह संयंत्र भारत में जीई एयरोस्पेस के 2,200 से अधिक सप्लायर्स के व्यापक नेटवर्क के अंतर्गत स्थानीय स्तर पर 300 से अधिक सप्लायर्स के साथ काम करता है। यह एडवांस मैन्युफैक्चरिंग विशेषज्ञता और प्रिसीजन इंजीनियरिंग क्षमताओं के माध्यम से वैश्विक एयरोस्पेस प्रोग्राम्स में भारत की भूमिका को मजबूत करने में मदद करता है।
यह संयंत्र कर्मचारियों के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसका दो साल का अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम हर साल 500 से अधिक अप्रेंटिस को क्लासरूम शिक्षा और साइट पर मौजूद समर्पित वेल्ड स्कूल के माध्यम से विशेष TIG वेल्डिंग प्रशिक्षण देता है। वर्ष 2015 से अब तक इस संयंत्र ने 5,000 से अधिक प्रोडक्शन एसोसिएट्स को प्रशिक्षित किया है, जिससे भारत में एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग प्रतिभाओं की मजबूत पाइपलाइन तैयार हुई है। हाल ही में दिए गए सामुदायिक और वर्कफोर्स डेवलपमेंट ग्रांट्स ने भी इस क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास से जुड़ी पहलों को समर्थन दिया है।
आज की यह घोषणा भारत के प्रति जीई एयरोस्पेस की व्यापक प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है, जहां कंपनी मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग और सप्लाई चेन विकास में लगातार निवेश कर उड़ान के भविष्य को आकार देने में योगदान दे रही है।






