मानस भवन में आयोजित शिविर में मुंबई से आई विशेषज्ञ टीम ने दिव्यांगजनों के कृत्रिम अंगों के लिए माप लिए, अतिथियों की उपस्थिति में हुआ शुभारंभ


हरिभूमि न्यूज.भोपाल 
सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सशक्त रूप देते हुए भोपाल उत्सव मेला समिति ने दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल की है। भोपाल उत्सव मेला, रत्नानिधि चैरिटेबल ट्रस्ट मुंबई एवं रोटरी क्लब भोपाल हिल्स के संयुक्त तत्वावधान में दिव्यांगों के लिए नि:शुल्क कृत्रिम अंग माप का दो दिवस शिविर का आयोजन आज  मानस भवन में किया गया।

शिविर में मुंबई से आई ऑर्थोटिक्स एवं प्रोस्थेटिक्स विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुभवी टीम ने दिव्यांगजनों के हाथ-पैर के कृत्रिम अंगों के लिए माप लिए। इस अवसर पर भोपाल नगर निगम की महापौर मालती राय भी उपस्थित रहीं। शिविर का उद्देश्य उन लोगों को सहायता प्रदान करना है, जिन्होंने दुर्घटना, गंभीर बीमारी या जन्मजात कारणों से अपने अंग गंवा दिए हैं और वर्षों से चलने-फिरने में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।


भोपाल उत्सव मेला पिछले 20 वर्षों से मानवता और दिव्यांग सेवा के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रहा :  सुनील जैनाविन 
 मेला समिति के महामंत्री एवं शिविर संयोजक सुनील जैनाविन ने बताया कि भोपाल उत्सव मेला पिछले 20 वर्षों से मानवता और दिव्यांग सेवा के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन देने के उद्देश्य से यह शिविर पूरी तरह नि:शुल्क आयोजित किया गया है। शिविर दो दिनों तक सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा, जिसमें लगभग 200 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग माप और आगामी चरण में वितरण का लक्ष्य रखा गया है।


शुभारंभ अवसर पर ये लोग रहे मौजूद 
शिविर का शुभारंभ पूर्व सांसद एवं मानस भवन के अध्यक्ष रघुनंदन शर्मा ने किया। इस अवसर पर शिविर के संयोजक सुनील जैनाविन,शैलेन्द्र निगम, ओम प्रकाश खुराना, वीरेंद्र जैन , डॉ. योगेंद्र मुखरैया, डॉ. महेश गुप्ता, प्रदीप अग्रवाल ‘गोल्डन’, रोटरी क्लब भोपाल हिल्स के हर्ष मित्तल, बी.एस. अग्रवाल, मयंक जैन तथा रोटरी क्लब इंदौर अपटाउन के तरुण मिश्रा सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहे। पहले ही दिन करीब 100 दिव्यांगजनों का पंजीयन हुआ, जिससे शिविर के प्रति लोगों में उत्साह और विश्वास दिखाई दिया।


 शिविर में आए दिव्यांगों ने अपनी पीड़ा और उम्मीद साझा की
इस शिविर में सागर, बैतूल, विदिशा, इटारसी, बीना सहित भोपाल एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में दिव्यांगजन पहुंचे। चयनित लाभार्थियों के अंगों का माप लिया गया, जिन्हें आगामी शिविर में कृत्रिम अंग प्रदान किए जाएंगे। शिविर में आए दिव्यांगों ने अपनी पीड़ा और उम्मीद साझा की। भिलमा निवासी साधना झारिया, रातीबढ़ की अलसिफा, शारदा नगर के अभिषेक जैन, भोपाल की शिवानी, बैतूल के 65 वर्षीय भूरा झाड़े और गौतम नगर के रामभरोसे ने बताया कि इस शिविर से उन्हें फिर से सामान्य और आत्मनिर्भर जीवन जीने की आशा मिली है। पांच वर्षीय जिकरा खान के पिता ने कहा कि कृत्रिम पैर से उनकी बेटी भी अन्य बच्चों की तरह चल सकेगी। शिविर में रत्ननिधि चैरिटेबल ट्रस्ट मुंबई के नंदा ठक्कर, मनोज कुमार चौहान, राजेश माने, राम सुजान साकेत तथा रोटरी क्लब भोपाल हिल्स के हर्ष मित्तल, कमल वाधवानी, मयंक जैन, एकता सिंघल, रमेश खेरा,बीएस. अग्रवाल,एहसान अंसारी, रोटरी क्लब इंदौर अपटाउन के तरुण मिश्रा भी मौजूद रहे। शिविर में दिव्यांगजनों के चेहरों पर लौटी मुस्कान ने इस सामाजिक पहल को सार्थक बना दिया।