बुकिंग के बाद भी डिलीवरी नही मिलने से लग रही लंबी लाइन, उमड़ रही भीड़ 


 एवीएस न्यूज.भोपाल


सरकार और प्रशासन का दवा है कि एलपीजी गैस का स्टॉक पर्याप्त है, आपूर्ति बराबर दी जा रही है अत: पैनिक होने की आवश्यकता नहीं हैं, जो कि सच भी है। लेकिन शहर में संचालित करीब 40 गैस एजेंसियों में लगभग 15 गैस एजेंसियों ने लोगों को पैनिक कर शहर की फिजा खराब किए हुए हैं।

शहर की ऐसी 15 एजेंसियां वह हैं जो न्यूमार्केट दशहरा मैदान, बीएचईएल क्षेत्र, आयोध्या बायपास  और करोंद क्षेत्र में गाड़ी एक जगह खड़ी करके गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं को बांटती हैं, उक्त एजेंसियां तेल विपणन कंपनियों से होम डिलीवरी चार्ज 35 रुपए लेने के बावजूद अपने एलपीजी उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी नहीं दे रही है। आरोप है कि यह सब हो रहा है जिला खाद्य विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से।  


गैस एजेंसी संचालन कार्य में दखल देने वाले कुछ संचालकों ने नाम नहीं छापने का कहते हुए बताया कि मौजूदा समय में शहर में लगने वाली लंबी-लंबी लाईन और भीड़ में ऐसी ही एजेंसियां शामिल है। जिसमें तीनों विपणन कंपनी आईओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल की एजेंसियां शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि राजधानी भोपाल सहित समूचे मध्यप्रदेश में संचालित सैकड़ों एजेंसी संचालक 35 रुपए का चार्ज वसूलने के बाद भी घर पर सिलेंडर की आपूर्ति नहीं कर रही हैं।  इसका उदाहरण राजधानी भोपाल में न्यूमार्केट दशहरा मैदान, करोंद, आयोध्या बायपास और बीएचईएल क्षेत्र में सिलेंडर के लिए लगने वाली लंबी लाइन और एजेंसियों के उमड़ रही भीड़ है।  
 

अधिकांश एजेंसियों ने डिलीवरी बॉय की कमी या अन्य कारणों से होम डिलीवरी बंद कर दी 
बताया जा रहा है कि अधिकांश एजेंसियों ने डिलीवरी बॉय की कमी या अन्य कारणों से होम डिलीवरी बंद कर दी है, जिससे उपभोक्ताओं को गोदाम, एजेंसियों के बाहर या फिर डिलीवर बॉय द्वारा निधारित स्थान से ही सिलेंडर लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। तो कई एजेंसियां जानबूझकर बुकिंग के बाद भी डिलीवरी में नियत दिन से 5-6 दिन या उससे अधिक की देरी कर रही है। जिससे लोग सीधे एजेंसी पहुंचने को मजबूर हैं। उपभोक्ता शिकायत कर रहे हैं कि होम डिलीवरी न मिलने के बावजूद एजेंसियों द्वारा सिलेंडर की कीमत में डिलीवरी चार्ज भी लिया जा रहा है।


बताया जा रहा है कि खाद्य विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत और ढील पोल के चलते भोपाल की करीब 15 गैस एजेंसियां ऐसी हैं जो शुरू से ही एक जगह गाड़ी खड़ी कर उपभोक्ता को गैस सिलेंडर बांटती हैं जो मैनुअल बुकिंग के जरिए होता है। उक्त एजेंसियां डायरी में लोगों के बुकिंग लिखकर सिलेंडर की सप्लाई करती हैं फिर बाद में कंम्प्यूट में चढ़ाते हैं।  जबकि अन्य एजेंसी में सिस्टम से काम हो रहा है और होम डिलीवर दी जा रही है। 

 

उपभोक्ता हड़बड़ा रहा है और गैस एजेंसियों में पहुंचकर भीड़ बढ़ा रहा
एकाध -दो अपवादों को छोड़कर भोपाल के सभी गैस एजेंसी संचालक बेहतर ढंग से काम कर रहा है। कमर्शियल सिलेंडर को छोड़कर घरेलू गैस सिलेंडर में सप्लाई की कोई कमी नहीं है। लंबी- लंबी लाइन लगने के पीछे उपभोक्ताओं को पैनिक होना है, उपभोक्ता हड़बड़ा रहा है और गैस एजेंसियों में पहुंचकर भीड़ बढ़ा रहा है।  
बीएस शर्मा
राष्ट्रीय अध्यक्ष, एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन 

 

न्यूज़ सोर्स : लंबी- लंबी लाइन लगने के पीछे उपभोक्ताओं को पैनिक होना