एवीएस.मुंबई  


 भारत की सबसे बड़ी हॉस्पिटैलिटी कंपनी इंडियन होटल्स कंपनी (आईएचसीएल) अपने ईएसजी प्लस फ्रेमवर्क पथ्य के अंतर्गत अपनी सस्टेनेबिलिटी और सामाजिक प्रभाव को आगे बढ़ा रही है। पथ्य के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर आईएचसीएल ने ’भारत एकसाथ वॉकथॉन’ के साथ सस्टेनेबल वृद्धि के लिए अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया।

यह एक 3 किलोमीटर की वॉक है जिसमें 14 देशों की 200 से ज्यादा जगहों पर ऐसोसिएट्स, उनके परिवार, स्थानीय साझेदार, विक्रेता और समुदाय एकजुट होते हैं। वॉकथॉन से प्राप्त धन का उपयोग ताज पब्लिक सर्विस वेलफेयर ट्रस्ट (टीपीएसडब्ल्यूटी) को सहयोग देने में किया जाता है जिससे सामाजिक प्रभाव हेतु आईएचसीएल का दृष्टिकोण और ज्यादा मजबूत होता है। 

आईएचसीएल के मानव संसाधन के कार्यकारी उपाध्यक्ष  गौरव पोखरियाल ने कहा, ’’पथ्य हमारे इस विश्वास को दिखाता है कि जब संगठन की रणनीति और परिचालन में सस्टेनेबिलिटी गहराई से शामिल होती है, तो साझे मूल्यों का सृजन होता है। इतने वर्षों में, पथ्य एक प्रतिबद्धता से एक समग्र रूपरेखा में बदल गया है जो पर्यावरणीय प्रदर्शन, सामाजिक प्रभाव, गवर्नेंस और हेरिटेज मैनेजमेंट में हमारा मार्गदर्शन करता है। हमने अपने 2030 के लक्ष्यों की ओर सार्थक रूप से आगे बढ़ते हुए बड़े कदम उठाए हैं; होटलों में 84 से ज्यादा बॉटलिंग प्लांट, 53 प्रतिशत पानी रीसायकल किया जाता है, 41 प्रतिशत ऊर्जा नवीकरणीय साधनों से प्राप्त की जाती है और साझेदारियां 83 कौशल केन्द्रों को सक्षम बनाती हैं, जहां 42,000 से ज्यादा वंचित वर्ग के युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है।’’  

पर्यावरण की देखभाल, सामाजिक उत्तरदायित्व, गवर्नेंस, विरासत संरक्षण, वैल्यू चेन ट्रांसफॉर्मेशन और सस्टेनेबल वृद्धि जैसे छह स्तम्भों पर आधारित, पथ्य विशेष प्रभाव क्षेत्रों में संगठन की प्रगति का मार्गदर्शन करता रहता है। 

पथ्य को अपने कार्य के लिए दुनिया में पहचान मिली है, जिसमें इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर मैनेजमेंट डेवलपमेंट (आईएमडी बिजनेस स्कूल), लुज़ान, स्विट्जरलैंड द्वारा केस स्टडी के तौर पर फीचर किया जाना भी शामिल है, जो दर्शाता है कि आईएचसीएल ने अपने इकोसिस्टम में सस्टेनेबिलिटी को कितनी अच्छी तरह से शामिल किया है।  

न्यूज़ सोर्स : गौरव पोखरियाल ने कहा, ’’पथ्य हमारे इस विश्वास को दिखाता है कि जब संगठन की रणनीति और परिचालन में सस