एवीएस न्यूज. भोपाल


ट्रांसपोर्टरों ने केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती के बाद अब राज्य सरकारों से वैट  और अन्य स्थानीय करों में कटौती करने की मांग की है। केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 से घटाकर 3 और डीजल पर 10 से घटाकर शून्य कर दी है। डीजल की ऊंची कीमतों के कारण ट्रांसपोर्टरों को भारी घाटा हो रहा है।

राहत के लिए वैट में कमी जरूरी है, ताकि लॉजिस्टिक्स लागत कम हो सके और माल ढुलाई सस्ती हो। इसके अलावा ट्रांसपोर्टर अलग-अलग राज्यों द्वारा लिए जाने वाले एंट्री टैक्स, रोड टैक्स और ई-चालान जैसे मुद्दों पर भी राहत चाहते हैं।  


ट्रांसपोर्टर  और आरटीओ एवं ट्रैफिक कमेटी के चेयरमैन सीएल मुकात, हरीश डाबर सहित अन्य ट्रांसपोर्टरों ने केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल एवं डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में की गई कटौती के कदम को सराहना की और परिवहन क्षेत्र, किसानों एवं आम जनता के लिए राहतभरा निर्णय बताया है।

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष  हरीश सबरवाल ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों और खाड़ी क्षेत्र में तनाव के बीच लिया गया यह निर्णय समयोचित है, जिससे परिवहन लागत घटेगी और महंगाई पर नियंत्रण में मदद मिलेगी।


 संगठन ने यह भी कहा कि यदि मिडिल ईस्ट में तनाव लंबा चलता है और डीजल कीमतें बढ़ती हैं, तो देशहित में ट्रांसपोर्ट सेक्टर निरंतर सेवाएं देता रहेगा। साथ ही संगठन ने केंद्र सरकार से मांग की है कि ऐसे समय में टोल टैक्स में राहत या अस्थाई छूट प्रदान की जाए, जिससे ट्रांसपोर्टरों की आर्थिक व्यवहार्यता बनी रहे।

मुकाती ने राज्य सरकारों से मांग करते हुए कहा कि वे भी वैट एवं अन्य करों में कमी कर आमजन, किसानों और उद्योगों को राहत दें। संगठन का मानना है कि केंद्र व राज्य सरकारो के संयुक्त प्रयासो से ईंधन कीमतों में स्थिरता आएगी और देश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।