मध्यप्रदेश में 15 लाख करोड़ और भोपाल में 2.15 लाख करोड़ के बैंकिंग कारोबार के प्रभावित होने का दावा
 

एवीएस न्यूज.भोपाल 
लंबित मांगों को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू ) के आह्वान पर शुक्रवार, 11 सितंबर को देशभर के बैंक कर्मचारी और अधिकारी राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहेंगे। हड़ताल के चलते मध्यप्रदेश में बैंकिंग कामकाज प्रभावित होने की संभावना है। बैंक कर्मचारी संगठनों के अनुसार प्रदेश के करीब 40 हजार से अधिक बैंककर्मी हड़ताल में शामिल होंगे, जिससे प्रदेश की लगभग 7 हजार बैंक शाखाओं पर असर पड़ेगा।

यूएफबीयू के मध्यप्रदेश कोऑर्डिनेटर वीके शर्मा और संयोजक संजीव मिश्रा ने बताया कि एक दिवसीय हड़ताल के कारण शुक्रवार को बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी। इसके बाद 12 सितंबर को शनिवार और 13 सितंबर को रविवार होने के कारण बैंकिंग गतिविधियों पर लगातार तीन दिनों तक असर रहेगा। संगठनों ने दावा किया है कि इस दौरान मध्यप्रदेश में करीब 15 लाख करोड़ रुपये और भोपाल में लगभग 2.15 लाख करोड़ रुपये का बैंकिंग कारोबार प्रभावित हो सकता है।


 भोपाल में रैली और धरना
राजधानी भोपाल में हजारों बैंक कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल में शामिल होंगे। हड़ताल के दौरान कर्मचारी सुबह 10 बजे पंजाब नेशनल बैंक, इंदिरा प्रेस कॉम्प्लेक्स शाखा, महाराणा प्रताप नगर जोन-1 के सामने एकत्र होंगे। यहां से प्रेस कॉम्प्लेक्स क्षेत्र में रैली निकाली जाएगी। रैली के वापस शाखा के सामने पहुंचने के बाद सभा, धरना और प्रदर्शन किया जाएगा।


 पांच दिवसीय कार्य सप्ताह प्रमुख मांग
बैंक कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करना शामिल है। इसके अलावा अन्य लंबित मांगों के निराकरण को लेकर भी बैंक कर्मचारी संगठन लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। संगठनों का कहना है कि सरकार और बैंक प्रबंधन पर मांगों के समाधान के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से चरणबद्ध आंदोलन किया जा रहा है। हड़ताल के कारण शाखाओं में चेक क्लीयरेंस, नकद लेनदेन, भुगतान और अन्य ऑफलाइन बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि डिजिटल बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने से ऑनलाइन लेनदेन करने वाले ग्राहकों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।


 सितंबर में चार दिन की हड़ताल का कार्यक्रम
यूएफबीयू के अनुसार सितंबर में आंदोलन के तहत 11 सितंबर को एक दिवसीय हड़ताल और 28, 29 एवं 30 सितंबर को तीन दिवसीय हड़ताल प्रस्तावित है। संगठन ने 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल का भी आह्वान किया है। यूएफबीयू बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के विभिन्न संगठनों का संयुक्त मंच है।

इसमें ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉईज एसोसिएशन (एआईबीईए), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (एआईबीओसी ), नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉईज (एनसीबीई ), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (एआईबीओए ), बैंक एम्प्लॉईज फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीईएफआई ), इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस (आईएनबीओसी ) और इंडियन नेशनल बैंक एम्प्लॉईज फेडरेशन (आईएनबीईएफ ) शामिल हैं।

 

लंबित मुद्दों का समाधान एवं शेष मांगों का निपटारा
जब 8 मार्च 2024 को वेतन समझौता हुआ था, तब यूनियनों द्वारा उठाए गए कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान नहीं हो सका था। इसलिए यह निर्णय लिया गया कि इन मुद्दों को शेष मुद्दों (Residual Issues) के रूप में आगे उठाया जाएगा।
हमने उप मुख्य श्रम आयुक्त (Dy. CLC), वित्तीय सेवा विभाग (DFS) तथा IBA का ध्यान इन शेष मुद्दों की ओर भी आकर्षित किया है, जिनमें प्रमुख हैं—
•बैंकों में क्लेरिकल एवं सब-स्टाफ की पर्याप्त भर्ती करना।
•NPS को समाप्त कर OPS लागू करना।
•बैंकों द्वारा NPS में किए जाने वाले अतिरिक्त 4% योगदान पर आयकर से छूट देना।
•ग्रेच्युटी अधिनियम के अंतर्गत ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा बढ़ाना।
•पेंशन का अपडेशन करना।
•पेंशन पर समान DA लागू करना।
•नवंबर 2022 से पहले के पेंशनरों के लिए Ex-gratia में संशोधन करना।
•सभी निजी बैंकों में Ex-gratia लागू करना।
•बैंकों में Workman Director एवं Officer Director के पदों को जानबूझकर रिक्त रखने की प्रवृत्ति समाप्त करना।
•Leave Bank की व्यवस्था लागू करना।
•सेवानिवृत्त कर्मचारियों की Medical Insurance Policy का प्रीमियम बैंकों द्वारा वहन करना।
आदि।
ये सभी मुद्दे अभी भी अनसुलझे एवं लंबित हैं।


सुलह बैठक : कोई परिणाम नहीं
8 एवं 9 सितंबर 2026 को मुख्य श्रम आयुक्त (CLC) तथा उप मुख्य श्रम आयुक्त (Dy. CLC) द्वारा सुलह बैठक आयोजित की गई। इन बैठकों में वित्त मंत्रालय के अधिकारी भी उपस्थित थे।
चूंकि सरकार पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने के संबंध में कोई ठोस आश्वासन/प्रतिबद्धता नहीं दे सकी, इसलिए हड़ताल को टालने के लिए कोई सहमति नहीं बन सकी।
अतः सरकार एवं बैंक प्रबंधन के रवैये के कारण यूनियनों को यह आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
इस हड़ताल के कारण सभी बैंक शाखाएं बंद रहेंगी और हड़ताल के दिन कोई बैंकिंग सेवा उपलब्ध नहीं होगी।