पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर ट्रांसपोर्ट सेक्टर चिंतित, सरकार से राहत की मांग
आत्माराम सोनी.भोपाल
पेट्रोल -डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर ट्रांसपोर्ट सेक्टर में चिंता बढ़ती जा रही है। ट्रांसपोर्टरों ने कहा है कि ईंधन कीमतों में वृद्धि का सीधा असर देश की सप्लाई चेन, व्यापारिक गतिविधियों और आम जनता पर पड़ रहा है। ट्रांसपोर्टरों ने सरकार से ट्रांसपोर्ट सेक्टर को राहत देने की मांग की है।

ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने कहा कि देश में 73 प्रतिशत से अधिक माल ढुलाई सड़क परिवहन के जरिए होती है। ऐसे में डीज़ल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ रही है, जिसका असर अंततः महंगाई के रूप में आम उपभोक्ताओं, व्यापारियों और उद्योगों पर पड़ता है।

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस नई दिल्ली और आरटीओ एवं ट्रैफिक समिति चेयरमेन सीएल मुकाती ने कहा कि डीजल ट्रकों और मालवाहक वाहनों के लिए सबसे महत्वपूर्ण ईंधन है तथा ट्रांसपोर्ट व्यवसाय कोई विलासिता का क्षेत्र नहीं, बल्कि एक आवश्यक सेवा है, जो देश की अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। ईंधन कीमतों में मामूली वृद्धि भी फल, सब्ज़ी, दवाइयों, निर्माण सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की ढुलाई लागत बढ़ा देती है।

जबकि ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस, नई दिल्ली के डारेक्टर हरीश डाबर ने कहा कि ट्रांसपोर्ट व्यवसाय पहले से ही टोल टैक्स, महंगे स्पेयर पार्ट्स, बीमा प्रीमियम, फिटनेस, परमिट और अन्य परिचालन खर्चों के दबाव में काम कर रहा है। ऐसे में ईंधन मूल्य वृद्धि इस क्षेत्र पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है। उन्होंने विशेष रूप से छोटे और मध्यम ट्रांसपोर्टरों की स्थिति को गंभीर बताया।

हर्ष ट्रांसपोर्ट कंपनी के कमल पंजबानी ने केंद्र सरकार से अपील की कि ट्रांसपोर्ट सेक्टर को आवश्यक सेवा क्षेत्र मानते हुए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत प्रदान की जाए। साथ ही इस क्षेत्र के लिए विशेष सब्सिडी, टैक्स राहत और अन्य व्यावहारिक उपायों पर विचार किया जाए, ताकि परिवहन लागत नियंत्रित रहे और महंगाई पर अंकुश लगाया जा सके।
जबकि ठाकुरलाल राजपूत ने यह मांग की,कि भविष्य में ईंधन मूल्यों में बार-बार वृद्धि रोकने के लिए सरकार स्थायी और संतुलित नीति बनाए, जिससे व्यापारिक और आर्थिक गतिविधियां प्रभावित न हों तथा आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारु बनी रहे।






