व्यापारियों एवं कर सलाहकारों को बहुत सतर्क रहने की आवश्यकता
भोपाल। वर्तमान में जीएसटी विभाग द्वारा विवरणी प्रक्रिया में बहुत बदलाव कर दिए गए हैं। व्यापारियों एवं कर सलाहकारों को विवरणी भरते समय बहुत सतर्क रहने की आवश्यकता है। टैक्स ला बार एसोसिएशन द्वारा अपने सदस्यों के लिए आयोजित कार्यशाला में यह जानकारी युवा चार्टर्ड अकाउंटेंट हर्षित मुरलीधर काकवानी ने दी।
उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा अब कोई भी जीएसटी की विवरणी प्रस्तुत करने के लिए 3 वर्ष की समय सीमा तय कर दी है पुरानी विवरणी 3 वर्ष के बाद प्रस्तुत नहीं की जा सकती। बिल प्रबंधन प्रणाली में बहुत ध्यान से बिलों को जांचने के बाद स्वीकृत या अस्वीकृत करना चाहिए क्योंकि एक बार कार्रवाई करने के बाद उसमें परिवर्तन करने का कोई प्रावधान नहीं है।
उन्होंने बताया कि जीएसटी की वार्षिक विवरणी जीएसटीआर- 9 अवश्य प्रस्तुत करने का प्रयास करना चाहिए भले ही व्यापारी का टर्नओवर दो करोड़ रुपए से कम हो साथ ही उन्होंने आयकर में ऑडिट रिपोर्ट में किए गए परिवर्तनों के विषय में भी उपस्थित कर सलाहकारों को जानकारी दी। कार्यक्रम में अध्यक्ष मृदुल आर्य, सचिव मनोज पारख, सहसचिव संदीप चौहान, कोषाध्यक्ष धीरज अग्रवाल, सुनील गौतम, हेमंत जैन, शहादत खान आदि उपस्थित थे।

