एवीएस न्यूज.नई दिल्ली
एएचओडीएस टेक्नोलॉजीज का स्वदेशी हाइड्रोजन डुअल फ्यूल किट (एचडीएफके) ने  एएचओडीएस हाइड्रोजन डुअल फ्यूल किट आप में एक अनोखा आविष्कार है जो टेलपाइप उत्सर्जन (धुए) में 70 प्रतिशत तक की कमी और ईंधन में लगभग 20 प्रतिशत तक की बचत करता है।

यह तकनीक ऑटोमोटिव, बिजली उत्पादन,भट्टियों, बॉयलर, कृषि मशीनरी और औद्योगिक अनुप्रयोगों सहित कई क्षेत्रों के लिए उपयोगी है, जो इसे स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढऩे का एक व्यावहारिक और कारगर उपाय बनाती है।

इस किट को विभिन्न उद्योगों जैसे कि पेय पदार्थ, विनिर्माण, वस्त्र और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में डीजल पावर जनरेटरों में सफलतापूर्वक लगाया जा चुका है। विशेष रूप से, यह किट पुराने हो चुके वाहनोंके लिए एक विशेष और असरदार समाधान प्रदान करती है, जिससे वाहन बदले बिना ही प्रदूषण में भारी कमी लाई जा सकती है। औद्योगिक बॉयलरों में इस तकनीक का एकीकरण भी अब अंतिम चरण में है।


एएचओडीएस टेक्नोलॉजीज ने नेत्रा टेक्नोलॉजी रेडिनेस लेवल (टीआरएल) 7 प्रमाणन प्राप्त कर लिया है और एमआईडीसी साइकिल के तहत इसका सफल व्हीकल चेसिस डायनेमोमीटर परीक्षण भी किया गया है।

यह प्रणाली मॉड्यूलर है, अपने आप में पूर्ण है और इसे किसी बाहरी गैस सप्लाई इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता नहीं होती। यही खूबी इसे पहाड़ी और रेगिस्तानी इलाकों जैसे दूर-दराज के क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से उपयुक्त बनाती है।

एचओडीएस टेक्नोलॉजीज ने जापान की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनी के साथ रणनीतिक साझेदारी की है और वैश्विक कमर्शियल रियल एस्टेट लीडर्स के साथ मिलकर इसे लागू करने पर काम कर रही है। इस तकनीक का परीक्षण इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल), मारुति सुजुकी और भारतीय रेलवे जैसी संस्थाओं के सहयोग से भी किया गया है।