झाबुआ में बच्चों के स्वास्थ्य में 75 फीसदी सुधार
झाबुआ। झाबुआ ज़िले के पाँच सरकारी स्कूलों में 2,475 छात्रों को शामिल करते हुए हेल्थ एंड हाइजीन प्रोग्राम के दूसरे चरण का सफल समापन हुआ। इस पहल से आदिवासी बच्चों के स्वास्थ्य संकेतकों में 42% से 75% तक उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। कार्यक्रम में नियमित रक्त परीक्षण, चिकित्सकीय जांच और सुधारात्मक उपायों को लागू किया गया। इस परियोजना के माध्यम से टाइम्स एम्प्लॉय इंडिया फाउंडेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और जनजातीय कार्य विभाग, झाबुआ ने सिकल-सेल एनीमिया, एनीमिया और कुपोषण जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को लक्ष्य बनाकर कार्य किया। साथ ही छात्रों को स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता से जुड़ी व्यवहारिक जानकारी दी गई। कार्यक्रम का मुख्य ध्यान हीमोग्लोबिन, आयरन और विटामिन D3 की कमी को दूर करने पर रहा।
पौष्टिक मिलेट-आधारित खाद्य पदार्थ जैसे – ज्वार और बाजरे से बने लड्डू, मल्टीग्रेन कुकीज़ और नमकीन स्नैक्स उपलब्ध कराए
कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों को नियमित रूप से पौष्टिक मिलेट-आधारित खाद्य पदार्थ जैसे – ज्वार और बाजरे से बने लड्डू, मल्टीग्रेन कुकीज़ और नमकीन स्नैक्स उपलब्ध कराए गए। इनसे बच्चों के पोषण स्तर में सुधार हुआ और एनीमिया की समस्या में कमी आई। इसके साथ ही हाइजीन एजुकेटर्स और योग प्रशिक्षकों ने स्कूलों में बच्चों को स्वास्थ्य, स्वच्छता और योग का महत्व समझाया। जनजातीय कार्य विभाग, झाबुआ की सहायक आयुक्त सुश्री सुप्रिया बिसेन ने कहा, “इस पहल ने हमारे आदिवासी बच्चों के स्वास्थ्य सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पोषण, शिक्षा और चिकित्सा को एक साथ लाकर हम बच्चों के उज्जवल भविष्य की नींव रख रहे हैं।”
“बीपीसीएल का उद्देश्य केवल व्यवसाय तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक विकास को भी आगे बढ़ाना
भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के मुख्य महाप्रबंधक (प्रशासन सेवाएँ, सुविधाएँ एवं सीएसआर) श्री रमन मलिक ने कहा, “बीपीसीएल का उद्देश्य केवल व्यवसाय तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक विकास को भी आगे बढ़ाना है। झाबुआ में इस कार्यक्रम की सफलता हमें और बड़े स्तर पर इस तरह की पहलों को आगे ले जाने की प्रेरणा देती है।”
हमारा लक्ष्य है कि झाबुआ के आदिवासी बच्चे स्वास्थ्य चुनौतियों पर विजय प्राप्त करें
टाइम्स एम्प्लॉय इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष – सीएसआर प्रोजेक्ट्स श्री अरुण काबरा ने कहा, “यह कार्यक्रम बच्चों को केवल चिकित्सा जांच तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उन्हें ज्ञान, पोषण और स्वस्थ आदतों से समृद्ध करता है। हमारा लक्ष्य है कि झाबुआ के आदिवासी बच्चे स्वास्थ्य चुनौतियों पर विजय प्राप्त करें और जीवन में हर क्षेत्र में आगे बढ़ें।”
बच्चों में स्वास्थ्य की जिम्मेदारी और जागरूकता की भावना जगाई
स्वास्थ्य परीक्षण का पहला चरण जनवरी 2025 में पूरा हुआ था, जिसमें 3,807 बच्चों की जांच और प्राथमिक परीक्षण किए गए थे। उस चरण में बच्चों को पौष्टिक आहार, स्वच्छता और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक किया गया। नुक्कड़ नाटक, प्रतियोगिताओं और इंटरैक्टिव गतिविधियों के जरिए बच्चों में स्वास्थ्य की जिम्मेदारी और जागरूकता की भावना जगाई गई।
आगे भी इस पहल के तहत बच्चों को पौष्टिक मिलेट-आधारित भोजन उपलब्ध कराया जाएगा और स्वास्थ्य मानकों का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा, ताकि लगातार पोषण और जागरूकता के ठोस परिणाम सामने आ सकें।

