एवीएस न्यूज. मुंबई


भारत-वियतनाम व्यापार मंच पर सीआईआई के क्षेत्रीय अध्यक्ष वीर एस आडवाणी ने कहाकि भारत और वियतनाम मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं, उन्नत विनिर्माण, डिजिटल नवाचार, स्थिरता और गहन आर्थिक सहयोग से प्रेरित रणनीतिक और भरोसेमंद साझेदारी के एक नए चरण में प्रवेश कर रहे हैं।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समान विचारधारा वाले साझेदारों के रूप में, दोनों देश आर्थिक मजबूती बढ़ाने, क्षेत्रीय संपर्क को बेहतर बनाने और एक स्थिर, सुरक्षित और समृद्ध क्षेत्रीय संरचना में संयुक्त रूप से योगदान देने के लिए अच्छी स्थिति में हैं।  


आडवाणी ने कहा कि  सीआईआई का एक बड़ा एजेंडा भारतीय उद्योग को, विशेष रूप से मध्यम और लघु उद्योगों को, अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना है। उन्होनें वियतनाम जैसे भागीदारों के साथ मिलकर वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लाने और एक-दूसरे पर निर्भरता बढ़ाने पर जोर दिया है।


उन्होंने कहाकि जैसे-जैसे वैश्विक व्यवसाय विविधता ला रहे हैं और मूल्य श्रृंखलाओं का पुनर्गठन कर रहे हैं, भारत और वियतनाम मिलकर भरोसेमंद और भविष्य के लिए तैयार आपूर्ति श्रृंखलाओं के प्रमुख स्तंभ के रूप में उभर सकते हैं, पूरक शक्तियों का लाभ उठाकर एक गतिशील आर्थिक गलियारा बना सकते हैं जो दोनों देशों के लिए विकास, नवाचार और साझा समृद्धि प्रदान करें।

उन्होंने भारत और वियतनाम के बीच बढ़ते व्यापार प्रवाह (2025-26 में 16 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक) को रेखांकित किया और 2030 तक 30 बिलियन अमेरिकी डॉलर के व्यापार लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सहयोग को और गहरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया।