भारत में पेट केयर पर होने वाले खर्च और पेट केयर अर्थव्यवस्था में वृद्धि हो रही है
एवीएस न्यूज. नई दिल्ली
पेट्स को सभी प्यार करते हैं। उनकी देखभाल करते हैं और एक परिवार के सदस्य की तरह उनका पालन-पोषण करते हैं। उनके साथ गहरे भावनात्मक जुड़ाव के कारण भारत में ‘पेट पैरेंट्स’ बढ़ रहे हैं। यह बदलाव केवल भावनात्मक नहीं है, बल्कि दैनिक जीवन में उनके लिए शॉपिंग, खर्च और उनकी केयर में भी दिखाई दे रहा है।
भारत में पेट इंडस्ट्री पर जारी हुई आई.बी.ई.एफ रिपोर्ट के अनुसार यह सेक्टर लगभग 20 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है, जिसमें लोगों की बढ़ती आय, शहरी जीवनशैली और पेट की सेहत के प्रति बढ़ती प्राथमिकता का महत्वपूर्ण योगदान है। यह वृद्धि फ्लिपकार्ट पर भी प्रदर्शित हो रही है, जहाँ पेट-केयर के प्रति जीवनशैली पर आधारित बढ़ते दृष्टिकोण के साथ इस श्रेणी में 50 प्रतिशत से अधिक की साल-दर-साल वृद्धि दर्ज हो रही है। ग्राहकों द्वारा फ्लिपकार्ट पर कुत्ते और बिल्लियों से लेकर मछलियों, पक्षियों और अन्य पालतू जानवरों तक कई दैनिक उपयोगिता की वस्तुओं और विशेष प्रीमियम प्रोडक्ट्स की खरीदारी की जा रही है।
पेट केयर में अब केवल फूड और हाईज़ीन की शॉपिंग ही नहीं, बल्कि न्यूट्रिशन, ग्रूमिंग, वैलनेस और एनरिचमेंट आदि जैसी कई श्रेणियों की शॉपिंग शामिल हो गई है। इस परिवर्तन में नई पीढ़ी के पेट पैरेंट्स की भूमिका महत्वपूर्ण है। आज फ्लिपकार्ट पर दर्ज होने वाली 80 प्रतिशत से अधिक मांग जेन ज़ी और मिलेनियल्स से प्राप्त हो रही है, जो पेट केयर के लिए ज्यादा सूचित और विकसित दृष्टिकोण रखते हैं। बैंगलोर, दिल्ली और कोलकाता जैसे शहर मांग के मुख्य केंद्र बन रहे हैं और पेट केयर के कुल ऑर्डर्स में लगभग 10 प्रतिशत का योगदान दे रहे हैं। वहीं नॉन-मेट्रो शहर, जैसे मैसूर, देहरादून और कटक मेट्रो शहरों के बाहर पेट्स की बढ़ती ओनरशिप प्रदर्शित करते हैं।
इस परिवर्तन में न्यूट्रिशन का एक अहम योगदान है। क्लीन-लेबल, ब्रीड-स्पेसिफिक और फोर्टिफाईड पेट फूड की मांग में 40 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज हुई है क्योंकि ग्राहक अपने पेट्स के लिए ज्यादा सेहतमंद और अनुकूलित विकल्प चाहते हैं। साथ ही, उनकी प्रिवेंटिव केयर भी दिनचर्या में शामिल हो रही है। ग्रूमिंग के लिए ट्रिमर और उनकी सेहत बनाए रखने वाले पेट हैल्थ सप्लीमेंट्स की मांग भी बढ़ रही है। उनके प्लेटाईम में भी बदलाव हुआ है। पेट टॉय की मांग 50 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ी है, जिनमें उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखने में मदद करने वाले च्यू टॉय, चेज़ टॉय, ट्रेनिंग एड, कॉलर एवं इंटरैक्टिव एक्सेसरी शामिल हैं। साथ ही, खुशी के अवसरों में पेट्स की बढ़ती उपस्थिति के साथ एक्सेसरीज़, एपरेल और विभिन्न अवसरों के लिए की जाने वाली खरीदारी में भी वृद्धि हुई है।
आज पेट्स की लोगों के जीवन में गहरी भावनात्मक भूमिका है। वो दैनिक जीवन में साथ देते हैं, खेलते कूदते रहते हैं और आराम देते हैं। पेट पैरेंट्स के शॉपिंग के व्यवहार में उनका यह संबंध साफ दिखाई देता है और वो कम्फर्ट, केयर एवं संपूर्ण सेहत को अधिक महत्व देते हैं। फ्लिपकार्ट पर इसलिए एक बढ़ता हुआ परिवेश विकसित हो रहा है, जो पेट्स की केयर को सरल, सुलभ और बेहद निजी बनाता है।

