20 लाख से ऊपर के यूपीआई भुगतान पर आ सकता संकट
भोपाल। 2 लाख से ऊपर के यूपीआई भुगतान लेने पर संकट आ सकता है, खासकर यदि एक व्यवसाय हैं और सालाना कारोबार 20 लाख रुपये से अधिक है। इसके पीछे मुख्य कारण जीएसटी और इनकम टैक्स से संबंधित नियम हैं।
यदि एक व्यवसायी हैं और सालाना कमाई 20 लाख रुपये से अधिक है, तो जीएसटी के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा और जीएसटी का भुगतान करना होगा। यदि जीएसटी के तहत रजिस्ट्रेशन नहीं कराते हैं और 20 लाख से ऊपर का यूपीआई लेनदेन करते हैं, तो जुर्माना और कानूनी कार्यवाही का सामना करना पड़ सकता है।
इनकम टैक्स का मामला
यदि 20 लाख से अधिक का यूपीआई भुगतान प्राप्त करते हैं, तो यह सुनिश्चित करना होगा कि यह लेनदेन इनकम टैक्स रिटर्न में सही ढंग से दर्शाया गया है। यदि आप इसे छुपाते हैं, तो इनकम टैक्स विभाग द्वारा नोटिस मिल सकता है और जुर्माना लग सकता है।
यूपीआई लेनदेन की सीमा
हालांकि, यूपीआई लेनदेन की सामान्य सीमा 1 लाख प्रति लेनदेन है, लेकिन कुछ विशेष मामलों में, जैसे कि बीमा, शिक्षा, या अस्पताल के बिलों के लिए, यह सीमा 2 लाख या 5 लाख तक भी हो सकती है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कुछ बैंक अपनी यूपीआई लेनदेन सीमाएँ भी निर्धारित करते हैं, जो 25,000 से लाख तक हो सकती हैं।

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यदि आप 20 लाख से ऊपर के यूपीआई लेनदेन कर रहे हैं, तो आपको अपने वित्तीय सलाहकार या चार्टर्ड एकाउंटेंट से सलाह लेनी चाहिए, कि आप यह सुनिश्चित कर सकें कि आप सभी लागू नियमों का पालन कर रहे ।

