मप्र में जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण की शुरुआत : 9 वर्षों का इंतजार समाप्त, 600 से अधिक अपीलें सुनवाई के लिए लंबित
मध्यप्रदेश जीएसटी अपीलीय अधिकरण हुआ सक्रिय, भोपाल स्टेट बेंच में नियमित सुनवाई शुरू
एवीएस न्यूज.भोपाल लगभग नौ वर्षों के लंबे इंतजार के बाद मध्यप्रदेश जीएसटी अपीलीय अधिकरण (जीएसटीएटी ) की भोपाल स्टेट बेंच ने 25 जून 2026 से नियमित रूप से कार्य करना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही प्रदेश में लंबित द्वितीय अपीलों के निस्तारण का रास्ता खुल गया है और करदाताओं, उद्योगों तथा कर सलाहकारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
न्यायिक सदस्यों एवं अधिकरण के अधिकारियों ने जनवरी 2026 से ही अधिकरण परिसर में बैठकर आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने का कार्य शुरू कर दिया था। चूंकि अपीलों की फाइलिंग से लेकर आदेश जारी होने तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित की जानी है, इसलिए आवश्यक तकनीकी संसाधनों एवं डिजिटल अवसंरचना को स्थापित करना एक बड़ी चुनौती थी। विभिन्न विभागों एवं संबंधित एजेंसियों के समन्वित प्रयासों के बाद अब अधिकरण पूरी तरह से संचालन के लिए तैयार हो चुका है और नियमित सुनवाई का कार्य प्रारंभ हो गया है।
अधिकरण ने 2 एवं 3 जुलाई 2026 की सुनवाई के लिए भी प्रकरण सूचीबद्ध कर दिए हैं। वहीं, रजिस्ट्रार न्यायालय ने भी अपीलों में मौजूद त्रुटियों को दूर कराने के लिए सुनवाई प्रारंभ कर दी है, जिससे मामलों का शीघ्र पंजीकरण और निस्तारण सुनिश्चित हो सके।जीएसटीएटी के संचालन शुरू होने से वर्षों से लंबित कर विवादों के त्वरित समाधान की उम्मीद बढ़ी है। इससे न केवल करदाताओं को प्रभावी अपीलीय मंच मिलेगा, बल्कि प्रदेश में कर प्रशासन की कार्यप्रणाली भी अधिक सुगम एवं प्रभावी बनने की संभावना है.
जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश से 600 से अधिक अपीलें सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं। लंबे समय से लंबित मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया अब गति पकड़ने की उम्मीद है। भोपाल बेंच में अपीलों की सुनवाई शुक्रवार से प्रारंभ हो गई । प्रारंभिक चरण में सुनवाई प्रत्येक सप्ताह गुरुवार एवं शुक्रवार को होगी, क्योंकि तकनीकी सदस्यों की नियुक्ति अभी पूर्ण रूप से नहीं हुई है। सुनवाई हाइब्रिड मोड (फ़िजिकल + वर्चुअल)में आयोजित की जाएगी।
टैक्स विशेषज्ञों का कहना है कि जीएसटीएटी के गठन में हुई देरी के कारण देशभर में बड़ी संख्या में द्वितीय अपीलें लंबित थीं। मध्यप्रदेश में भी हजारों कर विवाद अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे थे। विभिन्न व्यापारिक एवं कर सलाहकार संगठनों ने समय-समय पर इन मामलों के शीघ्र निस्तारण की मांग उठाई थी।
टैक्स लॉ बार एसोसिएशन, भोपाल के अध्यक्ष एडवोकेट मनोज कुमार पारख ने कहा कि जीएसटीएटी की नियमित सुनवाई शुरू होने से करदाताओं, उद्योगों एवं कर सलाहकारों को एक प्रभावी न्यायिक मंच उपलब्ध होगा। इससे वर्षों से लंबित विवादों का समयबद्ध निस्तारण संभव होगा तथा कर प्रशासन और व्यापार जगत दोनों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि 30 जून 2026 तक जीएसटीएटी के समक्ष अपील दायर करने की महत्वपूर्ण अंतिम तिथि है। इसलिए पात्र करदाता एवं कर सलाहकार समय-सीमा का विशेष ध्यान रखें।
- मुख्य बिंदु
जीएसटी लागू होने के लगभग 9 वर्ष बाद द्वितीय अपीलों की नियमित सुनवाई प्रारंभ।
मध्यप्रदेश की 600 से अधिक अपीलें सुनवाई के लिए सूचीबद्ध।
पूर्व कर कानूनों से संबंधित लगभग 3,500 लंबित अपीलों के निस्तारण की भी चुनौती।
30 जून 2026 तक पुरानी अपीलें दाखिल करने की महत्वपूर्ण समय-सीमा।25 जून 2026 से भोपाल जीएसटीएटी स्टेट बेंच में नियमित सुनवाई शुरू।
जनवरी 2026 से न्यायिक सदस्यों एवं अधिकारियों ने संचालन की तैयारियां की थीं।
ऑनलाइन फाइलिंग एवं आदेश प्रणाली के लिए तकनीकी अवसंरचना विकसित की गई।
2 एवं 3 जुलाई 2026 के मामलों की सूची जारी।
रजिस्ट्रार कोर्ट ने भी डिफेक्ट हटाने संबंधी सुनवाई प्रारंभ की।






