एसरी इंडिया और टेरी एसएएस ने जियोस्पैटियल शिक्षा और अनुसंधान को गति देने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया
एवीएस न्यूज.नई दिल्ली
भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) टेक्नोलॉजीज और लोकेशन इंटेलिजेंस सॉल्यूशंस उपलब्ध कराने वाली अग्रणी कंपनी एसरी इंडिया टेक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड ने भारत में जियोस्पैटियल शिक्षा को गति देने, क्षमता निर्माण करने और व्यवहारिक अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए दि एनर्जी एंड रिसोर्सेज़ इंस्टीट्यूट स्कूल ऑफ एडवांस्ड स्टडीज़ (टेरी एसएएस) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया है। टेरी-एसएएस एक डीम्ड टु बी युनिवर्सिटी है।
इस रणनीतिक गठबंधन के जरिए दोनों संगठन शासन व टिकाऊ विकास के लिए जीआईएस टेक्नोलॉजीज़ के उपयोग को बढ़ावा देने वाली पहल में अपनी पूरक ताकतों का संयुक्त इस्तेमाल करेंगे। पर्यावरण, ऊर्जा और टिकाऊपन में टेरी एसएएस की विशेषज्ञता का एसरी इंडिया की अत्याधुनिक जियोस्पैटियल टेक्नोलॉजी के साथ उपयोग करने से यह गठबंधन भारत में एक जबरदस्त जियोस्पैटियल पारितंत्र तैयार करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम संचालित करेगा।
टेरी एसएएस के साथ यह गठबंधन भारत के जियोस्पैटियल शिक्षा पारितंत्र को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण कदम : अगेन्द्र कुमार
एसरी इंडिया के प्रबंध निदेशक अगेन्द्र कुमार ने कहाकि टेरी एसएएस के साथ यह गठबंधन भारत के जियोस्पैटियल शिक्षा पारितंत्र को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारी उन्नत जीआईएस टेक्नोलॉजी को टिकाऊपन को लेकर टेरी एसएएस के अकादमिक परिश्रम और अनुसंधान उत्कृष्टता में मिलाकर हम जियोस्पैटियल पेशेवरों और निर्णय कर्ताओं की अगली पीढ़ी को प्रशिक्षित करने के लिए एक शक्तिशाली प्लेटफॉर्म तैयार कर रहे हैं। संयुक्त रूप से क्षमता निर्माण की पहल और पाठ्यक्रम तैयार कर हमारा लक्ष्य शहरी नियोजन, पर्यावरण प्रबंधन, आपदा लचीलापन और ढांचागत विकास सहित महत्वपूर्ण क्षेत्रों में डेटा संचालित, स्थान आधारित दृष्टिकोणों को अपनाने को गति देना है। यह गठबंधन इस बात का उदाहरण प्रस्तुत करता है कि कैसे अकादमिक संस्थान और उद्योग जियोस्पैटिल इंटेलिजेंस एवं नवप्रवर्तन में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए साथ मिलकर काम कर सकते हैं।
इससे एक हरित और टिकाऊ भविष्य की ओर रुख करने में मदद मिलेगी: सुमन के.धर
टेरी एसएएस के कुलपति प्रोफेसर सुमन के. धर ने कहा, कि यह एमओयू जियोइन्फॉर्मेटिक्स पेशेवरों का एक कार्यबल तैयार करने के लिए अत्याधुनिक जियोस्पैटियल टूल्स और तकनीकी पर साथ मिलकर काम करने के लिए डिजाइन है। इससे एक हरित और टिकाऊ भविष्य की ओर रुख करने में मदद मिलेगी। टिकाऊपन के क्षेत्र में शिक्षा उपलब्ध कराने में अग्रणी टेरी एसएएस को ‘टिकाऊपन के लिए जियोइन्फॉर्मेटिक्स एआई’ के अहम क्षेत्र में परिवर्तनकारी भूमिका निभाने की उम्मीद है।
व्यवहारिक अनुसंधान परियोजनाएं चलाने जैसी पहल की जाएगी
इस एमओयू के तहत जीआईएस एकैडमिया काउंसिल ऑफ इंडिया (जीएसीआई) रूपरेखा के तहत शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम, युनिवर्सिटी स्तर पर जीआईएस शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम बढ़ाने, सरकारी अधिकारियों के लिए क्षमता निर्माण कार्यशालाओं और व्यवहारिक अनुसंधान परियोजनाएं चलाने जैसी पहल की जाएगी। टेरी एसएएस और एसरी इंडिया साथ मिलकर उद्योग के विशेषज्ञों को अतिथि व्याख्याताओं के तौर पर आमंत्रित कर, विद्यार्थियों की कार्यशालाएं आयोजित कर और नवप्रवर्तन चुनौतियों के जरिए एडवांस्ड लर्निंग को भी सुगम बनाएंगे जिससे अकादमिक सीख और वास्तविक दुनिया के जीआईएस एप्लीकेशंस के बीच अंतर पाटा जा सके।

