सीआईआई की बैठक में महाराष्ट्र में डेटा आधारित स्वास्थ्य मॉडल और राज्य स्तरीय टास्क फोर्स बनाने पर चर्चा
मोटापा और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से निपटने के लिए रोकथाम आधारित स्वास्थ्य व्यवस्था जरूरी: स्वास्थ्य मंत्री
एवीएस न्यूज .मुंबई
मोटापा, मधुमेह, कैंसर, हृदय रोग और अन्य गैर-संचारी रोगों के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए रोकथाम आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना जरूरी है। यह बात महाराष्ट्र के सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रकाशराव अबिटकर ने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की विशेष बैठक में कही।
बैठक में महाराष्ट्र में रोकथाम आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और डेटा आधारित, व्यापक स्तर पर लागू किए जा सकने वाले स्वास्थ्य मॉडल के विकास पर चर्चा हुई। इसमें मोटापे को प्रमुख प्राथमिकता के रूप में चिन्हित किया गया। बैठक में मोटापा, मधुमेह, कैंसर, हृदय रोग सहित गैर-संचारी रोगों से निपटने के लिए एक राज्य स्तरीय टास्क फोर्स गठित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। टास्क फोर्स के माध्यम से विभिन्न विभागों और संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित कर बीमारी की रोकथाम, समय पर जांच और लोगों में लगातार स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री प्रकाशराव अबिटकर ने कहा कि महाराष्ट्र को रोकथाम आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्राथमिकता देनी होगी। खासतौर पर मोटापा और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां तेजी से चुनौती बन रही हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने, बीमारियों की शुरुआती अवस्था में पहचान करने और भविष्य में गंभीर बीमारियों के बोझ को कम करने के लिए सरकार, उद्योग, चिकित्सकों, मेडिकल संस्थानों और समुदायों को मिलकर काम करना होगा।
देश के लिए मॉडल बन सकता है महाराष्ट्र
सीआईआई ने कहा कि महाराष्ट्र के पास देश के लिए एक प्रभावी उदाहरण प्रस्तुत करने का अवसर है। मोटापे की रोकथाम पर केंद्रित रणनीति अपनाकर और लगातार जागरूकता अभियान, मजबूत संस्थागत सहयोग तथा सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से महाराष्ट्र्र पश्चिमी भारत में रोकथाम आधारित स्वास्थ्य सेवाओं का नेतृत्व कर सकता है।
सीआईआई वेस्टर्न रीजन हेल्थकेयर सब-कमेटी के चेयरमैन और एशियन कैंसर इंस्टीट्यूट के चेयरमैन पद्मश्री डॉ. रमाकांत देशपांडे ने कहा कि रोकथाम आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को केवल अभियान तक सीमित न रखकर इसे निरंतर जनआंदोलन बनाने की जरूरत है। इसके केंद्र में समय पर जांच, जागरूकता और समुदाय की भागीदारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मोटापे को प्राथमिकता के साथ संबोधित करना जरूरी है, क्योंकि इसका संबंध कई गंभीर और दीर्घकालिक बीमारियों से है। महाराष्ट्र के पास मजबूत स्वास्थ्य तंत्र और विशेषज्ञता मौजूद है, जिसके आधार पर ऐसा मॉडल तैयार किया जा सकता है जिसे देश के अन्य हिस्सों में भी लागू किया जा सके।
मेडिकल संस्थानों और समुदाय की भागीदारी पर जोर
बैठक में सरकार और सीआईआई के साथ मेडिकल कॉलेजों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों, विद्यार्थियों और सामुदायिक संगठनों के बीच अधिक मजबूत सहयोग की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। साथ ही भविष्य के स्वास्थ्य नेतृत्वकर्ताओं और समुदाय स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने वाले ‘हेल्थ चैंपियंस’ की नई पीढ़ी तैयार करने पर जोर दिया गया। बैठक में सीआईआई की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अल्पा अंतानी सहित स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विभिन्न प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।


