48-49 रुपए किलो तक लुढ़की शक्कर पहुंची 55 पर, खुदरा बाजार में अब भी 65-66 रुपए


एवीएस न्यूज, भोपाल 
त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले शक्कर के बाजार में एक बार फिर तेजी की आहट सुनाई देने लगी है। रक्षाबंधन के पहले सटोरियों की सक्रियता और कृत्रिम किल्लत के चलते 75 रुपए किलो के पार पहुंची शक्कर सरकारी सख्ती के बाद कुछ ही दिनों में लुढ़ककर 48-49 रुपए किलो तक आ गई थी। लेकिन यह राहत ज्यादा दिन नहीं टिक सकी। करीब एक सप्ताह स्थिर रहने के बाद शक्कर के थोक भाव ने अचानक छलांग लगा दी है।

सिर्फ 24 घंटे में शक्कर के भाव में 5 रुपए किलो का उछाल दर्ज किया गया है। इस तेजी के साथ स्थानीय थोक जिंस बाजार में शक्कर का भाव अब 55 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। अचानक आई इस तेजी ने बाजार में फिर सटोरियों की सक्रियता को लेकर चर्चाओं को हवा दे दी है।


48-49 रुपए से सीधे 55 रुपए किलो
स्थानीय शक्कर ब्रोकर रमाकांत तिवारी के मुताबिक, 1 सितंबर से 6 सितंबर 2026 तक शक्कर के थोक भाव 48 से 49 रुपए किलो के आसपास स्थिर रहे। इसके बाद बाजार में तेजी का रुख बनना शुरू हुआ। मंगलवार और बुधवार के बीच शक्कर के भाव में 5 रुपए प्रति किलो की जोरदार बढ़ोतरी हुई और भाव 55 रुपए किलो के स्तर पर पहुंच गया।

तिवारी के अनुसार, आने वाले दिनों में गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दशहरा और दीपावली जैसे बड़े त्योहार हैं। इन अवसरों पर मिठाइयों और घरेलू इस्तेमाल के लिए शक्कर की मांग बढ़ती है। ऐसे में शक्कर का बाजार एक बार फिर सटोरियों के निशाने पर होने की आशंका जताई जा रही है।


थोक में 55, फिर भी उपभोक्ता को 65-66 रुपए में
सबसे बड़ा सवाल यह है कि थोक बाजार में शक्कर के भाव गिरने के बावजूद इसका फायदा आम उपभोक्ता तक पूरी तरह क्यों नहीं पहुंच रहा है। स्थानीय किराना व्यापारी हरशेंद्र महाजन के मुताबिक, उपभोक्ताओं को शक्कर के घटे थोक भाव का अपेक्षित लाभ नहीं मिला। फिलहाल थोक बाजार में भाव करीब 55 रुपए किलो है, जबकि दुकानों पर आम ग्राहक को शक्कर 65 से 66 रुपए प्रति किलो के भाव में खरीदनी पड़ रही है।


ऊंचे स्तर से 20 रुपए नीचे, फिर भी राहत नहीं
दुकानदारों के अनुसार शक्कर के थोक भाव अपने पिछले उच्चतम स्तर से करीब 20 रुपए प्रति किलो नीचे हैं। इसके बावजूद खुदरा बाजार में कीमतों में अपेक्षित गिरावट दिखाई नहीं दे रही है। उपभोक्ताओं को थोक और खुदरा कीमतों के बीच करीब 7 से 8 रुपए प्रति किलो का अंतर झेलना पड़ रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब थोक बाजार में कीमतें इतनी नीचे आ चुकी हैं तो खुदरा बाजार में उसका पूरा असर क्यों नहीं दिख रहा।
 

 त्योहारों से पहले बढ़ी चिंता
आने वाले त्योहारी सीजन को देखते हुए शक्कर की मांग बढ़ना तय माना जा रहा है। गणेश चतुर्थी से शुरू होने वाला त्योहारों का सिलसिला नवरात्रि, दशहरा और दीपावली तक चलेगा। इस दौरान मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों में शक्कर की खपत बढ़ने से बाजार में मांग का दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में कारोबारियों और उपभोक्ताओं की नजर अब इस बात पर है कि शक्कर की यह तेजी सामान्य मांग का असर है या फिर बाजार में एक बार फिर सटोरियों की सक्रियता बढ़ रही है।