खुदरा विक्रेताओं और दुकानदारों को स्टॉक और बिक्री रोकने के निर्देश


एवीएस न्यूज.मुंबई 
सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए एक कड़ा कदम उठाते हुए, महाराष्ट्र कृषि विभाग ने राज्यभर के सभी कीटनाशी निरीक्षकों को कम्फर्ट और स्लीप वेल ब्रांड नाम से बिक रही अवैध मच्छर अगरबत्तियों की बिक्री के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने कीटनाशी अधिनियम, 1968 और कीटनाशी नियम, 1971 के तहत सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है, जिसमें छापेमारी, जब्ती और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियोजन शामिल है।
भारत में घरेलू कीटनाशकों के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने वाली गैर-लाभकारी उद्योग संस्था होम इंसैक्ट कंट्रोल एसोसिएशन ने सरकार के इस निर्णायक कदम का स्वागत किया है। पिछले कई महीनों से एसोसिएशन अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में रही है और बिना अनुमति वाले रसायनों से बनी मच्छर अगरबत्तियों को लेकर चिंता जताती रही है।

आंध्र प्रदेश में "स्लीप वेल" और मुंबई में कम्फर्ट पर पहले की गई जांच में लैब परीक्षण के जरिए अवैध और गैर-स्वीकृत कीटनाशकों की मौजूदगी की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद कई राज्यों में नियामक जांच और कार्रवाई शुरू हुई। मुंबई में कम्फर्ट पर छापेमारी और प्रतिबंध के महज 15 दिनों के भीतर महाराष्ट्र सरकार ने अब इसे राज्य स्तर पर लागू करते हुए दोनों उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए नया परिपत्र जारी किया है।


होम इंसैक्ट कंट्रोल एसोसिएशन के मानद सचिव जयंत देशपांडे ने कहाकि हम महाराष्ट्र सरकार द्वारा "कम्फर्ट" और "स्लीप वेल" जैसी अवैध मच्छर भगाने वाली अगरबत्तियों के खिलाफ समय पर और निर्णायक कार्रवाई की सराहना करते हैं।

अगरबत्ती जैसे उत्पादों में अवैध और बिना मंजूरी वाले रसायनों का इस्तेमाल बेहद चिंताजनक है और इससे लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता है। ऐसे उत्पाद बिना नियामक अनुमति के बेचे जाते हैं और उपभोक्ताओं को यह भ्रम देते हैं कि ये सुरक्षित हैं। यह कार्रवाई उन लोगों के हित में है जो अनजाने में नकली मच्छर अगरबत्तियां खरीद लेते हैं।

सरकार का यह कदम साफ संदेश देता है कि अवैध निर्माण और उनके वितरण को बढ़ावा देने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम सभी राज्यों में निरंतर कार्रवाई की अपील करते हैं और उपभोक्ताओं को सलाह देते हैं कि वे केवल वही मच्छर रोधी उत्पाद खरीदें जिन पर वैध CIBRC पंजीकरण संख्या अंकित हो।  होम इंसैक्ट कंट्रोल एसोसिएशन ने रिटेलर्स और वितरकों से सभी नियामकीय नियमों का पूरी तरह पालन करने की अपील की है और उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वे केवल वही मच्छर रोधी उत्पाद खरीदें जिनके पैकेज पर वैध CIR (सेंट्रल इंसैक्टिसाइड रजिस्ट्रेशन) नंबर मौजूद हो।