चेंबर के मेंबरों ने कहा- चुनाव में हो विधान के नियमावली का पालन पर्वेक्षक दें ध्यान: 31 मार्च तक के ही मेंबरों को ही वोटिंग का अधिकार, इसके बाद बने सदस्यों को नहीं
एवीसएस न्यूज .भोपाल
राजधानी के 70 से अधिक व्यापारिक संगठनों की शीर्ष संस्था भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (बीसीसीआई)के चुनाव को लेकर बाजार में शहर के दो दिग्गज पूर्व अध्यक्ष एवं व्यवसायी तेजकुलपाल सिंह पाली और कांग्रेस नेता एवं उद्योगपति गोविंद गोयल चेंबर के त्रैवार्षिक (2026-2029) चुनाव में अपने-अपने समर्थकों के साथ चुनावी रण में है। लेकिन इस चेंबर के इस चुनाव चेंबर के मेंबरों ने चुनाव अधिकारी सहित चुनाव पर्वेक्षकों से अपील की है कि चुनाव पारदर्शिता पूर्ण हो, इसके लिए चेंबर के विधान की नियमावली का पालन कराया गया।
मेंबरों, उम्मीदवारों और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ शहर प्रबुद्जनों ने कहा कि विधान की नियमावली कंडिका में 5 में स्पष्ट उल्लेख है कि जिस वर्ष चुनाव होना सुनिश्चित होता है उसी वर्ष 31 मार्च तक के मेंबरशिप ही अपने मताधिकार का उपयोग कर सकते हैं। चुनावी वर्ष के 31 मार्च के बाद बने चेंबर के सदस्यों को मताधिकार प्राप्त नहीं होगा।
चेंबर के संविधान की नियमावली से हर कंडिका से चिरपरचित और परिवर्तन पैनल के प्रवक्ता संदीप गोधा ने चेंबर के विधान के प्रति चुनाव अधिकारी, पर्यवेक्षकों सहित समस्त सहयोगी टीम का ध्यान आकृष्ट करते हुए बताया कि चेंबर के चुनाव प्रक्रिया संहिता की कंडिका 5 में स्पष्ट उल्लेख है कि कंपनी के (चेंबर के) नियम 22 (2) के अनुसार प्रबंध समिति का कार्यकाल 3 वर्ष का है इसलिए 3 वर्ष की समाप्ति पर चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। प्रबंध समिति का कार्यकाल समाप्त होने पर, सचिव प्रबंध समिति के समक्ष चुनाव के कार्यक्रम पर विचार करने के लिए प्रबंध समिति से निवेदन करेगा और प्रबंध समिति सर्वसम्मति से चुनाव कार्यक्रम पर विचार कर निर्वाचन की तिथि तथा अन्य औपचारिकता के लिए तिथि निश्चित करेगी, और सचिव को चुनाव अधिकारी की हैसियत से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चुनाव संपन्न कराने के लिए अनुरोध करेगी।
प्रबंध समिति के द्वारा चुनाव कार्यक्रम स्वीकार करने के उपरांत सचिव के द्वारा 31 मार्च को कंपनी के जो सदस्यों होंगे अर्थात जिनकी सदस्यता शुल्क 31 मार्च तक जमा हो चुकी होगी, की सूची (निर्वाचक नामावली) 30 अप्रैल तक प्रकाशित की जावेगी और कंपनी के सदस्यों को यह निर्वाचन नामावली (सदस्यता सूची) 15 मई तक नि:शुल्क दी जावेगी। सूची में संशोधन के लिए 15 दिन तक आपत्तियां स्वीकार की जावेगी। तदनुसार सचिव प्रकाशित सूची में संशोधन कर सकेगा ।

